अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही तनातनी को खत्म करने के लिए बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 24 मई 2026 को इस दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और क्षेत्र में तनाव को पूरी तरह कम किया जाना चाहिए ताकि वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने समझौते को लेकर क्या शर्तें रखीं?
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बातचीत का स्वागत करते हुए कुछ प्रमुख बातों पर जोर दिया है:
- परमाणु हथियारों पर पूर्ण रोक: ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से पूरी तरह से रोका जाना चाहिए।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलना: इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह से खोला जाए और बिना किसी शुल्क के सभी देशों के जहाजों को आने-जाने की आजादी मिले।
- पड़ोसी देशों पर हमले बंद हों: ईरान अपने या अपने सहयोगियों के जरिए क्षेत्र में अस्थिरता फैलाना बंद करे और पड़ोसी देशों पर अनुचित हमले रोके।
अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों का क्या है रुख?
इस डील को लेकर दुनिया के प्रमुख देशों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं:
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प: उन्होंने कहा कि ईरान के साथ समझौता काफी हद तक तय हो चुका है और अब केवल अंतिम मुहर लगनी बाकी है।
- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो: रुबियो ने शांति वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति होने की बात कही और दोहराया कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री यातायात के लिए हमेशा खुला रहना चाहिए।
- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर: उन्होंने भी इस प्रगति का स्वागत करते हुए संघर्ष समाप्त करने और व्यापारिक मार्ग खोलने की जरूरत पर जोर दिया।
- मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान: इस बातचीत में पाकिस्तान को एक मध्यस्थ देश के रूप में देखा जा रहा है।
- इजरायल की चिंता: इस समझौते की खबरों से इजरायल में बेचैनी है और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस मुद्दे पर एक आपातकालीन कैबिनेट बैठक बुलाई है।
संभावित समझौते में क्या-क्या शामिल हो सकता है?
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, समझौते के तहत निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनने की उम्मीद है:
- संघर्ष विराम को अगले 60 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है।
- ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं।
- ईरान ने मुआवजा मिलने की स्थिति में होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की पेशकश की है और बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य का क्या महत्व है?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग है। समझौते के तहत इसे बिना किसी टोल शुल्क के अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह से खोलने की मांग की जा रही है, ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार सामान्य रूप से चल सके।
इस समझौते को लेकर इजरायल की क्या प्रतिक्रिया है?
इस समझौते की खबरों से इजरायल असहज है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उभरते हुए सौदे पर चर्चा करने और सुरक्षा चिंताओं को लेकर एक आपातकालीन कैबिनेट बैठक बुलाई है।