अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने स्वीडन में आयोजित नाटो (NATO) की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभी इस मामले पर बहुत ज्यादा उत्साहित होने की जरूरत नहीं है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम पर पैनी नजर रखनी होगी।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में क्या प्रगति हुई?
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने हेलसिंगबोर्ग, स्वीडन में नाटो बैठक के दौरान बताया कि ईरान के साथ बातचीत में कुछ अच्छे संकेत मिले हैं। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ईरान के पास किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान द्वारा टैक्स या टोल वसूलने की कोशिशों को पूरी तरह से अवैध और अस्वीकार्य घोषित कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी स्पष्ट किया है कि अमेरिका ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को हासिल करना चाहता है और वह ईरान के टोल सिस्टम के खिलाफ है।
इस शांति समझौते में पाकिस्तान और अन्य देशों की क्या भूमिका है?
इस पूरे मामले में पाकिस्तान एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री Syed Mohsin Naqvi ने तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi के साथ बातचीत की है ताकि शांति समझौते को आगे बढ़ाया जा सके। उधर ईरान अभी अमेरिका के ताजा शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। ईरान के एक अधिकारी ने संकेत दिया है कि वे अपने यूरेनियम भंडार को खुद ही कम (downblend) कर सकते हैं। इस बीच, अमेरिका ने ईरान के साथ संभावित सैन्य टकराव के लिए अपने हथियारों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ताइवान को होने वाली 14 अरब डॉलर की हथियारों की बिक्री पर फिलहाल रोक लगा दी है।
नाटो सहयोगियों के रुख से क्यों निराश है अमेरिका?
स्वीडन में हुई नाटो की इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री ने कुछ नाटो देशों के प्रति अपनी निराशा भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रहे इस विवाद और युद्ध जैसी स्थिति में कुछ सहयोगी देश अमेरिका का उस तरह से समर्थन नहीं कर रहे हैं जैसी उम्मीद थी। इस वजह से गठबंधन के भीतर थोड़ी असहमति भी दिखाई दे रही है। फिलहाल सभी की नजरें आने वाले कुछ दिनों के घटनाक्रमों पर टिकी हुई हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की ताजा स्थिति क्या है?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अनुसार, बातचीत में मामूली प्रगति हुई है लेकिन उन्होंने अभी किसी भी जल्दबाजी या अत्यधिक उत्साह से बचने की सलाह दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर क्या विवाद है?
ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में अपना टोल सिस्टम लागू करना चाहता है, जिसे अमेरिका ने अवैध और पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया है।
इस समझौते में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है और उसके मंत्री ने शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तेहरान में ईरानी नेतृत्व के साथ बैठक की है।
