अमेरिका और ईरान के बीच जारी भारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे हमलों के बावजूद बातचीत में ‘बड़ी प्रगति’ होने का दावा किया गया है। ईरानी सांसद इब्राहिम अज़ीज़ी ने कहा है कि दोनों देशों के बीच वार्ता आगे बढ़ रही है, लेकिन ईरान अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा। वहीं दूसरी तरफ, कुवैत पर हुए मिसाइल हमले और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जारी विवाद के कारण अमेरिका ने ईरान पर नए कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं जिससे तनाव और बढ़ गया है।

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ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में क्या प्रगति हुई है?

दोनों देशों के वार्ताकारों ने 60 दिनों के युद्धविराम विस्तार के लिए एक रूपरेखा पर सहमति जताई है। इसके साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी है। हालांकि, इस समझौते को अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। ईरानी सांसद इब्राहिम अज़ीज़ी ने स्पष्ट किया है कि यूरेनियम संवर्धन का अधिकार, इसका स्टॉक रखना और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण ईरान की मुख्य शर्तें हैं और वह इन पर कोई समझौता नहीं करेगा। ईरान ने सभी प्रतिबंधों को हटाने की मांग भी की है।

अमेरिका ने ईरान पर कौन से नए प्रतिबंध लगाए हैं?

बातचीत के दावों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच हमले भी जारी हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ कड़े कदमों की घोषणा की है। अमेरिका ने ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो जहाजों से टोल वसूलने की कोशिश कर रही थी। इसके अलावा, ओमान देश को भी चेतावनी दी गई है कि वह इस टोल सिस्टम में ईरान की मदद न करे। अमेरिका ने ईरानी एयरलाइंस की लैंडिंग, ईंधन भरने और टिकट बिक्री पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है ताकि तेहरान पर दबाव बढ़ाया जा सके।

कुवैत पर हमला और सैन्य तनाव की वर्तमान स्थिति क्या है?

अमेरिकी सेना ने ईरान पर नाजुक युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। यह आरोप कुवैत द्वारा मिसाइल हमले की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद लगाया गया है। इससे पहले अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी सेना की आक्रामक गतिविधियों को देखते हुए उनके चार ड्रोन मार गिराए थे और एक बेस पर हमला किया था। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी चेतावनी दी है कि किसी भी नए हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरान युद्ध के जोखिम को कम आंक रहा है और खुद को मजबूत स्थिति में दिखाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश में है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम हो गया है?

दोनों देशों के बीच 60 दिनों के युद्धविराम विस्तार के ढांचे पर सहमति बनी है, लेकिन इसे अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अंतिम मंजूरी मिलना और ईरान की तरफ से पुष्टि होना बाकी है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद क्यों चल रहा है?

ईरान इस क्षेत्र पर अपना नियंत्रण रखना चाहता है और जहाजों से टोल वसूलने की कोशिश कर रहा है, जबकि अमेरिका ने टोल वसूलने वाली ईरानी संस्था पर प्रतिबंध लगा दिया है और किसी भी देश को इस जलमार्ग को नियंत्रित करने की अनुमति न देने की बात कही है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com