US-Iran Talks: पाकिस्तान में होनी थी वार्ता, ईरान ने जताया संदेह, कतर ने अपनी भूमिका पर दिया जवाब
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत की कोशिशें चल रही हैं. पाकिस्तान इस मामले में दोनों देशों के बीच बीच-बचाव कर रहा है, लेकिन दूसरे दौर की वार्ता को लेकर अभी काफी अनिश्चितता बनी हुई है. कतर ने भी इन वार्ताओं में अपनी भूमिका को लेकर हाल ही में स्थिति साफ़ की है.
कतर की मध्यस्थता पर क्या है सच्चाई?
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed Al-Ansari ने स्पष्ट किया है कि कतर अमेरिका और ईरान की किसी सीधी बातचीत में शामिल नहीं है. उन्होंने बताया कि कतर का मुख्य ध्यान अपने देश की रक्षा और ईरान के हमलों से हुए नुकसान से निपटने पर है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कतर का मानना है कि सभी विवादों का हल बातचीत की मेज पर ही निकलता है और वे ऐसे प्रयासों का समर्थन करते हैं.
पाकिस्तान में वार्ता और ईरान का ताजा रुख
इस्लामाबाद में शांति वार्ता के दूसरे दौर की तैयारी चल रही थी और पाकिस्तान के गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए अमेरिकी और ईरानी राजदूतों से मुलाकात भी की थी. लेकिन ईरान के प्रवक्ता Ismail Bakaee ने कहा है कि उनके देश ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वे इस वार्ता में शामिल होंगे या नहीं. वहीं, IRGC ने साफ़ कर दिया है कि जब तक नौसैनिक नाकेबंदी नहीं हटती, वे झुकेंगे नहीं और जरूरत पड़ी तो लंबा लड़ेंगे.
ट्रंप के बयान और मौजूदा स्थिति
डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की बात कही है, लेकिन ईरान ने इसे अमेरिका की दबाव बनाने की रणनीति बताया है. ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा हैं और उसका रुख लगातार बदल रहा है. फिलहाल दोनों पक्षों के बयानों में मेल नहीं है, जिससे बातचीत अधर में लटकी हुई है.