अमेरिका और ईरान के बीच चल रही राजनयिक बातचीत में एक बड़ा गतिरोध पैदा हो गया है। ईरान ने अपनी रुकी हुई संपत्तियों से तुरंत भारी-भरकम ‘लिक्विड कैश’ यानी नकद पैसा जारी करने की मांग की है, जिस पर अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है। जून 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इस गतिरोध के बावजूद दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे बातचीत जारी है, लेकिन किसी अंतिम समझौते पर पहुंचना अभी तय नहीं माना जा रहा है।

ईरान ने बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए क्या शर्त रखी है?

ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए उनकी रुकी हुई संपत्ति को बिना किसी शर्त के वापस करना एक बेहद जरूरी कदम है। ईरान अपनी कुल 24 अरब डॉलर की रुकी हुई संपत्ति में से लगभग 12 अरब डॉलर की पहली किस्त तुरंत जारी करने की मांग पर अड़ा हुआ है। ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अधिकारी अली बाघेरी कनी ने साफ किया है कि इस संपत्ति की वापसी के बिना आगे की बातचीत संभव नहीं है। ईरान इसे दोनों देशों के बीच भरोसा बनाने के लिए एक जरूरी कदम मानता है।

इस मामले पर अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का क्या रुख है?

अमेरिका इस मांग के आगे झुकने को तैयार नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर लिखित और स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं देता, तब तक अमेरिका उसकी किसी भी रुकी हुई संपत्ति को जारी नहीं करेगा। अमेरिका ने इसके लिए ईरान के सामने परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी कड़ी शर्तें रखी हैं। इसके साथ ही, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान के सबसे बड़े डिजिटल एसेट एक्सचेंज नोबिटेक्स (Nobitex) समेत तीन अन्य एक्सचेंजों पर प्रतिबंध लगा दिया है और लगभग 1 अरब डॉलर की ईरानी क्रिप्टो संपत्ति को जब्त करने की घोषणा की है जिसे वे नियमों के खिलाफ मान रहे हैं।

कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से क्या समाधान निकलेगा?

इस पूरे विवाद को सुलझाने के लिए कतर और पाकिस्तान जैसे देश लगातार मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। ये देश दोनों पक्षों के बीच गुप्त रूप से बातचीत को सामान्य बनाने की कोशिश में जुटे हैं। हालांकि, ईरानी वार्ताकारों ने समझौते के पहले चरण में फंड न मिलने पर झुकने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। इसी बीच, अमेरिका की मध्यस्थता में ही इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम को लेकर एक समझौता हुआ है, लेकिन अमेरिका-ईरान वार्ता पर अभी भी गतिरोध बना हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य विवाद क्या है?

मुख्य विवाद ईरान की रुकी हुई संपत्ति को लेकर है। ईरान बातचीत आगे बढ़ाने से पहले 12 अरब डॉलर के लिक्विड कैश की तुरंत मांग कर रहा है, जबकि अमेरिका सुरक्षा गारंटी और लिखित वादे के बिना फंड जारी करने से मना कर रहा है।

अमेरिकी सरकार ने ईरान के खिलाफ हाल ही में क्या कड़े कदम उठाए हैं?

अमेरिका ने ईरान के सबसे बड़े डिजिटल एसेट एक्सचेंज नोबिटेक्स पर प्रतिबंध लगा दिया है और करीब 1 अरब डॉलर की ईरानी क्रिप्टो संपत्ति को जब्त कर लिया है, जिसे वे नियमों का उल्लंघन बता रहे हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com