अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत रुकने से दुनिया भर के बाजारों में हलचल मच गई है। इस तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल महंगा हो सकता है। Gulf देशों और दुनिया भर के लोगों के लिए यह खबर चिंताजनक है क्योंकि इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट और महंगाई पर पड़ता है।
अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के एक नए प्रस्ताव पर अपने सुरक्षा सलाहकारों के साथ चर्चा की है। हालांकि, उन्होंने पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता के लिए भेजे जाने वाले अपने दूतों Steve Witkoff और Jared Kushner की यात्रा रद्द कर दी। Trump का कहना था कि यात्रा में बहुत समय बर्बाद होता है और अगर ईरान बात करना चाहता है तो वह खुद संपर्क कर सकता है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ कर दिया है कि कोई भी समझौता तभी होगा जब ईरान परमाणु हथियार बनाने से पूरी तरह रुकेगा। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि उनकी आदतें विनाशकारी हैं और वे बार-बार अपने वादे तोड़ते हैं। ईरान ने कहा है कि वह अपने पिछले अनुभवों को ध्यान में रखकर ही आगे का फैसला लेगा।
तेल की कीमतों और Strait of Hormuz पर क्या असर पड़ा?
तनाव बढ़ने की वजह से 27 अप्रैल को Brent और WTI कच्चे तेल की कीमतों में 2 से 3 प्रतिशत की बढ़त हुई, जो पिछले दो हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। इसका मुख्य कारण Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही में आई कमी है। ईरान ने एक प्रस्ताव दिया है कि अगर अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी हटा ले, तो वह Strait of Hormuz को फिर से खोल देगा और युद्ध खत्म कर देगा।
इस पूरे मामले में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि ओमान और रूस ने भी शांति के लिए मदद की पेशकश की है। जानकारों का कहना है कि ईरान के पास तेल स्टोर करने की क्षमता कम हो रही है, इसलिए वह अब शांति समझौते की कोशिश कर रहा है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तेल की कीमत में बढ़त | 2-3 प्रतिशत (Brent और WTI) |
| कीमत का स्तर | दो हफ्ते का उच्चतम स्तर |
| मुख्य विवाद क्षेत्र | Strait of Hormuz |
| तारीख | 27-28 अप्रैल 2026 |
| अमेरिकी ऑपरेशन का नाम | Operation Economic Fury |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान, ओमान और रूस |
| ईरान की शर्त | अमेरिकी पोर्ट नाकेबंदी हटाना |
कंपनियों और एयरलाइंस के लिए क्या नई चेतावनी आई है?
अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने दुनिया भर की कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि जो भी कंपनी ईरानी एयरलाइंस को सेवाएं प्रदान करेगी, उस पर अमेरिका कड़े प्रतिबंध लगाएगा। इस कार्रवाई को Operation Economic Fury का नाम दिया गया है। इसका मतलब है कि अब अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए ईरान के साथ व्यापार करना और भी मुश्किल हो जाएगा।