हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका-ईरान के बीच तनातनी, बाजार में हलचल के साथ शुरू हुई कूटनीतिक चर्चा.

Sushma Kumari4 August 20262 min read52 viewsWorld
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका-ईरान के बीच तनातनी, बाजार में हलचल के साथ शुरू हुई कूटनीतिक चर्चा.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर 4 अगस्त 2026 को वाशिंगटन और तेहरान के बीच शुरू हुई चर्चाओं ने वैश्विक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सुरक्षित रूप से खोलने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत की खबरें सामने आई हैं, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी पड़ा है। इस खबर के आने के बाद तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई, जबकि सोने के भाव में तेजी दर्ज की गई है। हालांकि, कूटनीतिक प्रगति को लेकर अभी भी दोनों पक्षों के दावों में विरोधाभास बना हुआ है।

तनाव के बीच बातचीत का सिलसिला

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पुष्टि की कि ईरान के साथ बातचीत 3 अगस्त से शुरू हो चुकी है। उन्होंने इसे ईरान के लिए एक समझौते तक पहुँचने का अंतिम मौका बताया ताकि भविष्य में अमेरिकी हमलों से बचा जा सके। राष्ट्रपति ने दावा किया कि इस बातचीत की पहल ईरान और खाड़ी देशों जैसे Saudi Arabia, UAE और Qatar के अनुरोध पर हुई है। अमेरिकी खजाने के सचिव Scott Bessent ने 5 अगस्त तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए एक समझौते पर पहुंचने की उम्मीद जताई है। वहीं, विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी अंतिम समझौते की दिशा में प्रगति का उल्लेख किया है। इस पूरी प्रक्रिया में Qatar ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है और वहां के अमीर Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ चर्चा की है। साथ ही, Oman भी इस समुद्री मार्ग से जुड़ी व्यवस्थाओं पर ईरान के साथ मिलकर काम कर रहा है।

ईरान का पक्ष और विरोधाभासी दावे

दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने वाशिंगटन के साथ किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष या राजनीतिक बातचीत से इनकार किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने साफ किया कि उनकी बातचीत केवल ओमान के साथ हो रही है, जिसका उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और ईरान की संप्रभुता व सुरक्षा की रक्षा करना है। ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच कोई कूटनीतिक टीम यात्रा नहीं कर रही है। ईरान का मानना है कि जलडमरूमध्य की स्थिति में कोई भी बदलाव तभी संभव है जब अमेरिकी आक्रामकता और नौसैनिक घेराबंदी तत्काल प्रभाव से बंद हो।

भविष्य की योजनाएं

भले ही वर्तमान में हॉर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा प्राथमिकता पर है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि इस मार्ग के सुरक्षित होने के बाद भविष्य में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी चर्चा की जाएगी। यह पूरा घटनाक्रम Qatar News Agency की रिपोर्ट के अनुसार, जून महीने में हस्ताक्षरित उस समझौता ज्ञापन (MOU) के संदर्भ में है, जिसमें सैन्य अभियानों को रोकने की बात कही गई थी। आम लोग और प्रवासी जो इन खाड़ी देशों में काम करते हैं, वे इस स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं क्योंकि किसी भी तरह का क्षेत्रीय तनाव सीधे तौर पर ईंधन की कीमतों और सुरक्षा स्थितियों को प्रभावित करता है।

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