अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत एक बार फिर मुश्किल दौर में पहुंच गई है। दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर गंभीर चर्चा तो हो रही है, लेकिन कुछ बड़े मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते के लिए यूरेनियम को खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत खोलने की शर्त रखी है। वहीं ईरान इन शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहा है, जिससे यह पूरी बातचीत एक बड़े तनाव में बदलती जा रही है।
ट्रंप की वो शर्तें जिससे दोनों देशों के बीच बात बिगड़ गई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी समझौते को तभी मंजूरी देंगे जब ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) को पूरी तरह नष्ट करेगा या हटाएगा। इसके साथ ही अमेरिका चाहता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी टैक्स या टोल के तुरंत जहाजों के लिए खोला जाए।
इस बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी स्पष्ट किया है कि जब तक ईरान इन शर्तों को नहीं मानता, तब तक उसे प्रतिबंधों से कोई राहत नहीं दी जाएगी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम और समुद्री रास्तों पर उसके नियंत्रण को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
ईरान की तरफ से क्या आई प्रतिक्रिया?
ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका की इन शर्तों को मानने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि अभी तक कोई भी समझौता फाइनल नहीं हुआ है और बातचीत में यूरेनियम संवर्धन की बारीकियों पर कोई चर्चा नहीं हो रही है।
- यूरेनियम का भंडार: ईरान के पास फिलहाल 60 प्रतिशत शुद्धता वाला लगभग 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे वह अपनी सुरक्षा के लिए बेहद अहम मानता है।
- होर्मुज जलमार्ग पर अधिकार: ईरान इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है और वह इसे पूरी तरह से अमेरिका के हवाले करने को तैयार नहीं है।
- ओमान के साथ बातचीत: ईरान इस रास्ते से जहाजों के गुजरने के लिए ओमान के साथ मिलकर नए नियमों पर बातचीत कर रहा है।
समुद्र में बढ़ता तनाव और ड्रोन मार गिराने की घटना
इस बातचीत के बीच समुद्र में तनाव भी बढ़ गया है। अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान की तरफ से भेजे गए चार खतरनाक ड्रोनों को मार गिराया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि बातचीत चल रही है, लेकिन वे अपनी सुरक्षा और समुद्री रास्तों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे।
विशेषज्ञ रॉबिन्सन सचदेव के अनुसार, दोनों देशों के बीच स्थिति ऐसी हो गई है कि कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। ईरान जानबूझकर इस बातचीत को लंबा खींच रहा है ताकि उसे अपनी रणनीतियों को मजबूत करने का मौका मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में मुख्य अड़चन क्या है?
मुख्य अड़चन ईरान का संवर्धित यूरेनियम और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का नियंत्रण है। अमेरिका यूरेनियम को नष्ट करने और जलमार्ग को पूरी तरह टोल-फ्री खोलने की मांग कर रहा है, जबकि ईरान इसे अपनी रेड लाइन मान रहा है।
ईरान के पास कितना संवर्धित यूरेनियम है?
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास इस समय 60 प्रतिशत शुद्धता वाला लगभग 440.9 किलोग्राम (972 पाउंड) अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का भंडार मौजूद है।
क्या दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर कोई सहमति बनी है?
हां, अमेरिकी और ईरानी वार्ताकारों के बीच सीजफायर को 60 दिनों के लिए बढ़ाने पर एक अस्थायी सहमति बनी है, लेकिन इस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है।