अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खत्म करने के लिए एक बड़ी पहल हुई है. दोनों देश शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में आमने-सामने बैठकर बातचीत करेंगे. इस मीटिंग से पहले दोनों देशों ने एक डिजिटल समझौते पर साइन किए हैं जिसे ‘Islamabad Memorandum of Understanding’ कहा जा रहा है.

स्विट्जरलैंड में होगी मुलाकात

स्विट्जरलैंड की सरकार ने गुरुवार को पुष्टि की है कि यह बातचीत Bürgenstock नामक एक पहाड़ी रिसॉर्ट में होगी. स्विट्जरलैंड इस पूरी प्रक्रिया में एक न्यूट्रल होस्ट की भूमिका निभा रहा है ताकि दोनों पक्ष सुरक्षित माहौल में बात कर सकें. इस मीटिंग का मुख्य मकसद हाल ही में साइन हुए युद्धविराम समझौते को लागू करने के तरीकों पर चर्चा करना है.

इन देशों और नेताओं की होगी भूमिका

इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान और Qatar मध्यस्थ यानी मीडिएटर की भूमिका निभा रहे हैं. मीटिंग में अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति Donald Trump और उपराष्ट्रपति JD Vance शामिल हो सकते हैं. वहीं ईरान की तरफ से राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf के शामिल होने की उम्मीद है. स्विट्जरलैंड ने बताया है कि कुछ अन्य संबंधित देश भी इस चर्चा का हिस्सा होंगे.

क्या है समझौते की मुख्य बातें

18 जून 2026 की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने डिजिटल तरीके से एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते के तहत कुछ बड़े फैसले लिए गए हैं:

  • 60 दिनों के लिए युद्धविराम को आगे बढ़ाया गया है.
  • Strait of Hormuz को दोबारा खोलने की बात कही गई है.
  • ईरान, अमेरिका और उनके सहयोगियों के बीच सैन्य अभियान, जिसमें लेबनान भी शामिल है, को तुरंत और स्थायी रूप से बंद किया जाएगा.
  • ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाया जाएगा, जिसमें तेल निर्यात, बैंकिंग, इंश्योरेंस और जमी हुई संपत्तियों तक पहुंच शामिल है.
  • नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी को भी खत्म किया जाएगा.

आने वाले 60 दिनों के भीतर इस पूरी बातचीत को अंतिम रूप दिया जाएगा. उम्मीद है कि इसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) एक बाध्यकारी प्रस्ताव पारित करेगा जिससे यह समझौता कानूनी रूप से लागू हो सके.