अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance जल्द ही स्विट्जरलैंड जा रहे हैं जहाँ उनकी मुलाकात ईरानी अधिकारियों से होगी। यह बैठक एक ऐसे समय में हो रही है जब ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर युद्ध विराम के नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया है। दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और पूरी दुनिया की नज़र अब इस बातचीत पर टिकी है।

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इस पूरी बातचीत की बुनियाद 17 जून 2026 को पड़ी जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने एक 14 पॉइंट के समझौते (MOU) पर साइन किए थे। इस समझौते का मकसद युद्ध को खत्म करना था। इस समझौते की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • ईरान परमाणु हथियार नहीं रखेगा।
  • अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाएगा।
  • ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर का प्लान लाया जाएगा।
  • सभी मोर्चों पर, खासकर लेबनान में, सैन्य कार्रवाई तुरंत और स्थायी रूप से बंद होगी।

लेकिन अभी हालात बिगड़ गए हैं। ईरान ने औपचारिक रूप से आरोप लगाया है कि इसराइल ने लेबनान में सैन्य कार्रवाई करके समझौते की शर्तों को तोड़ा है। इसी के जवाब में ईरान ने 20 जून 2026 को Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) को बंद करने का ऐलान कर दिया। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को गलत बताया है और कहा है कि जहाजों की आवाजाही सामान्य है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कन्फर्म किया है कि यह तकनीकी बातचीत रविवार, 21 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के Bürgenstock में शुरू होगी। इस बैठक में अमेरिका, ईरान, कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि उनके दूत Steve Witkoff और Jared Kushner पहले से ही स्विट्जरलैंड में हैं और वह भी अगले कुछ दिनों में वहां पहुंचेंगे। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका का मुख्य मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना और वहां से समृद्ध यूरेनियम को हटाना है। वहीं, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी दोहराया है कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं मिलने दिए जाएंगे।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Bagahei ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने शर्तों का पालन नहीं किया तो बातचीत में प्रगति नहीं होगी और इससे पूरा समझौता खतरे में पड़ सकता है। लेबनान में भी हिंसा जारी है जहाँ Hezbollah ने इसराइल पर समझौते को न मानने का आरोप लगाया है और जवाबी हमलों की चेतावनी दी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.