अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने अमेरिका के साथ अपने लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए तैयार किए जा रहे सहमति पत्र के मसौदे में दो महीने तक की समय-सीमा शामिल करने की बात कही है। इस बीच, दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कराने के लिए पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंच चुके हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी बातचीत में थोड़ी प्रगति होने की पुष्टि की है।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या है यह दो महीने की नई समय-सीमा?

सऊदी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के साथ विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए सहमति पत्र के मसौदे में अधिकतम दो महीने की समय-सीमा जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। इससे पहले मई 2026 की शुरुआत में केवल 30 दिनों की बातचीत की अवधि और परमाणु व प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की खबरें आई थीं। अब इस नई समय-सीमा के शामिल होने से दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा।

बातचीत में कितनी प्रगति हुई और मध्यस्थों की क्या भूमिका है?

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने 23 मई 2026 को बताया कि ईरान के साथ बातचीत में थोड़ी प्रगति हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वाशिंगटन और तेहरान के बीच कोई समझौता नहीं हो पाता है, तो अमेरिका को अपने “प्लान बी” पर काम करना होगा। इस बातचीत को सफल बनाने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख और गृह मंत्री तेहरान पहुंचे हैं। इसके अलावा, कतर की एक वार्ता टीम भी अमेरिका के साथ समन्वय स्थापित कर समझौता कराने की कोशिशों में जुटी हुई है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने पहले भी तेहरान के लिए समय-सीमा तय की थी, लेकिन बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए फिलहाल सैन्य कार्रवाई को रोक रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान तय समय में कोई समझौता नहीं करता है, तो संघर्ष विराम समाप्त कर दिया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान के भीतर भी धार्मिक नेताओं ने देश पर खतरे को देखते हुए आपसी एकता बनाए रखने की अपील की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच कौन से देश मध्यस्थता कर रहे हैं?

पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल इस समय तेहरान में मौजूद हैं और दोनों देशों के बीच शांति समझौता कराने के लिए सक्रिय रूप से मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं।

ईरान ने समझौते के लिए कितने समय का प्रस्ताव दिया है?

ईरान ने लंबित मुद्दों को हल करने के लिए सहमति पत्र के मसौदे में दो महीने तक की समय-सीमा शामिल करने का प्रस्ताव दिया है।