अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम बातचीत में एक बड़ा मोड़ आया है। व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी है कि वाइस प्रेसिडेंट JD Vance आज रात स्विट्जरलैंड नहीं जाएंगे। ईरान के साथ होने वाली इस मीटिंग की तैयारी अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए इस दौरे को टाल दिया गया है।

तैयारियों में कमी के कारण टला दौरा

व्हाइट हाउस ने बताया कि बातचीत के लिए आने-जाने और अन्य इंतजामों में कुछ दिक्कतें आ रही हैं, जिसकी वजह से यह फैसला लिया गया। हालांकि, अमेरिकी टीम ने यह साफ कर दिया है कि जैसे ही सारी तैयारी पूरी होगी, वे तुरंत स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होंगे।

क्या है इस पूरी बातचीत का मामला

इस समझौते को लेकर पिछले कुछ दिनों से काफी हलचल थी। इससे जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • समझौते की शुरुआत: 18 जून 2026 को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसके बाद 60 दिनों की बातचीत का समय शुरू हुआ।
  • शर्तें: वाइस प्रेसिडेंट JD Vance ने साफ कहा था कि ईरान को आर्थिक मदद और प्रतिबंधों में राहत तभी मिलेगी जब वह तय शर्तों को मानेगा। उन्होंने जोर दिया कि सिर्फ बातों से काम नहीं चलेगा, बल्कि हर चीज की जांच की जाएगी।
  • शुरुआती योजना: पहले यह तय हुआ था कि 19 जून को स्विट्जरलैंड के एक रिसॉर्ट में अमेरिका और ईरान की टीमें मिलेंगी। ईरान की तरफ से स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबफ और अमेरिका की तरफ से JD Vance इस बातचीत की अगुवाई करने वाले थे।
  • मध्यस्थता: इस शांति समझौते में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और कतर ने अहम भूमिका निभाई है।

तेल सप्लाई और समुद्री नाकेबंदी पर अपडेट

बातचीत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका ने ईरान की समुद्री नाकेबंदी हटा ली है। अब तेल के टैंकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बिना किसी रुकावट के गुजर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 17 जून की रात को लगभग 1 करोड़ 25 लाख बैरल तेल इस रास्ते से गुजरा है।

कौन-कौन लोग शामिल हैं इस डील में

इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वाइस प्रेसिडेंट JD Vance मुख्य भूमिका में हैं। वहीं ईरान की तरफ से सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई और डिप्टी विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची इस डील पर नजर रखे हुए हैं।