अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम बैठक को आखिरी समय पर टाल दिया गया है। स्विट्जरलैंड में होने वाली इस मीटिंग में दोनों देश किसी बड़े समझौते पर बात करने वाले थे, लेकिन अब यह टल गई है। व्हाइट हाउस ने इसके लिए लॉजिस्टिक कारणों को जिम्मेदार बताया है।

मीटिंग टलने की वजह और आधिकारिक बयान

स्विट्जरलैंड के Foreign Ministry ने कन्फर्म किया है कि Burgenstock रिसॉर्ट में होने वाली बातचीत अब तय समय पर नहीं होगी। अमेरिका के Vice President JD Vance को वहां जाना था, लेकिन व्हाइट हाउस ने बताया कि लॉजिस्टिक दिक्कतों की वजह से उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी है। अमेरिका ने यह भी कहा है कि वे जल्द से जल्द तकनीकी बातचीत शुरू करना चाहते हैं।

ईरान की कड़ी चेतावनी

ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका या उसके साथी कोई धोखाधड़ी करते हैं या नए समझौते का उल्लंघन करते हैं, तो ईरान इसका करारा जवाब देगा। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei ने भी साफ किया है कि बातचीत करने का मतलब यह नहीं है कि ईरान अमेरिका की हर बात मान लेगा और वे किसी भी दबाव में नहीं आएंगे।

समुद्री रास्ता खुला और अन्य अपडेट

इस बीच एक बड़ी राहत यह मिली है कि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटा ली है। US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि Strait of Hormuz अब फिर से खुल गया है और बड़े जहाज वहां से गुजरने लगे हैं।

यह पूरी प्रक्रिया राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच हुए एक वर्चुअल समझौते (MoU) के बाद शुरू हुई थी। इसके तहत 60 दिनों की बातचीत तय हुई थी, जो 18 जून 2026 से शुरू हुई। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि लेबनान में इसराइल के सैन्य अभियान की वजह से ईरान ने अपने प्रतिनिधि भेजने में देरी की हो सकती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.