ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने साफ़ तौर पर कहा कि अमेरिका के ज़िद्दी रवैये की वजह से युद्ध को खत्म करने में बड़ी मुश्किल आ रही है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि अगर शर्तें नहीं मानी गईं तो अंजाम बुरा होगा।

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ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने 12 मई 2026 को नॉर्वे के डिप्टी विदेश मंत्री के साथ मुलाकात के दौरान यह बात कही। उन्होंने बताया कि अमेरिका में ईमानदारी की कमी है और इसी वजह से युद्ध का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है। ईरान का कहना है कि अमेरिका अपनी शर्तों को जबरदस्ती थोपने की कोशिश कर रहा है और बार-बार अपनी मांगें बदल रहा है।

  • समुद्री नाकेबंदी: ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इसराइल की सैन्य कार्रवाई की वजह से Strait of Hormuz और ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी है।
  • अस्वीकार्य मांगें: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि वाशिंगटन बहुत ही अतार्किक मांगें कर रहा है।
  • विश्वास की कमी: ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf के मुताबिक बातचीत के दौरान अमेरिका ईरान का भरोसा जीतने में नाकाम रहा।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 13 मई 2026 को बहुत सख्त बयान दिया। उन्होंने ईरान द्वारा भेजे गए जवाबी प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया। ट्रंप ने साफ़ कहा कि अगर ईरान ने परमाणु कार्यक्रम और युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिकी शर्तों को नहीं माना तो अमेरिका इस काम को पूरी तरह खत्म कर देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह काम शांतिपूर्ण तरीके से भी हो सकता है और अन्य तरीकों से भी। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा युद्धविराम अब खत्म होने वाला है।

युद्ध खत्म करने के लिए ईरान की क्या शर्तें हैं?

ईरान की सरकार ने अमेरिका को अपना जवाब भेज दिया है जिसमें कुछ मुख्य मांगें रखी गई हैं। ईरान चाहता है कि युद्ध को सभी मोर्चों पर तुरंत रोका जाए। इसके अलावा ईरान ने मांग की है कि अमेरिका उसकी समुद्री नाकेबंदी खत्म करे और ईरान की जमा की गई संपत्ति को वापस लौटाया जाए। हालांकि ईरान ने यह साफ़ कर दिया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम के तहत समृद्ध यूरेनियम को अमेरिका को सौंपने के किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाया?

अराघची ने कहा कि अमेरिका का ज़िद्दी रवैया और ईमानदारी की कमी युद्ध खत्म करने में सबसे बड़ी बाधा है और अमेरिका अपनी शर्तों को जबरदस्ती थोप रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया दी?

ट्रंप ने ईरान के जवाबी प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और चेतावनी दी कि अगर शर्तें नहीं मानी गईं तो अमेरिका शांतिपूर्ण या अन्य तरीके से इस काम को खत्म कर देगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com