पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir 15 अप्रैल को तेहरान पहुंचे हैं। उनका मकसद अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करवाना है। पाकिस्तान इस पूरे मामले में एक मध्यस्थ यानी बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे।
आसिम मुनीर के इस दौरे का मुख्य मकसद क्या है?
Asim Munir का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच मतभेदों को कम करना है। 8 अप्रैल को दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ था, जो 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। पाकिस्तान चाहता है कि इस अस्थायी युद्धविराम को स्थायी शांति में बदला जा सके। इससे पहले इस्लामाबाद में हुई बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था, इसलिए अब फिर से कोशिश की जा रही है।
बातचीत में कौन शामिल है और क्या है मुख्य विवाद?
इस मिशन में पाकिस्तान की तरफ से सेना प्रमुख के साथ आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi और कई तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। ईरान की तरफ से विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने उनका स्वागत किया। विवाद मुख्य रूप से परमाणु गतिविधियों को लेकर है। ईरान का कहना है कि यूरेनियम संवर्धन उसका अधिकार है, लेकिन इसके स्तर पर बातचीत हो सकती है।
| संस्था/देश | प्रमुख नाम या शर्तें |
|---|---|
| पाकिस्तान | Asim Munir, Mohsin Naqvi |
| ईरान | Abbas Araghchi, Ismail Bahai |
| अमेरिका | Donald Trump, JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner |
| युद्धविराम तिथि | 8 अप्रैल से 22 अप्रैल तक |
| अमेरिकी प्रस्ताव | 20 साल का परमाणु निलंबन |
| ईरानी प्रस्ताव | 3 से 5 साल का विराम |
| अगली बैठक | संभवतः इस्लामाबाद में |
आगे क्या होने वाला है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने आसिम मुनीर की इन कोशिशों की तारीफ की है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगले कुछ दिनों में कोई बड़ा घटनाक्रम हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी और ईरानी अधिकारी एक समझौते के करीब पहुँच रहे हैं। इसमें पाकिस्तान के अलावा मिस्र और तुर्की भी मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहे हैं।
