US और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, 22 अप्रैल को खत्म होगी युद्धविराम की समय सीमा, पाकिस्तान बीच-बचाव की कोशिश में
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच चल रहा अस्थायी युद्धविराम (ceasefire) बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाला है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या बातचीत से मामला सुलझेगा या फिर से हमले शुरू होंगे। इस बीच पाकिस्तान दोनों देशों को एक मेज पर लाने के लिए दिन-रात कोशिश कर रहा है।
अमेरिका का क्या रुख है और डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि बिना किसी ठोस समझौते के वह युद्धविराम को आगे नहीं बढ़ाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि अगर डील नहीं हुई तो हमले तुरंत फिर से शुरू हो सकते हैं। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कोई फैसला नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि हमलों के बाद ईरान के समृद्ध यूरेनियम को वापस पाना एक लंबा और मुश्किल काम होगा।
ईरान ने क्या चेतावनी दी और ताजा विवाद क्या है?
ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammed Bagher Qalibaf ने कहा है कि वे धमकियों के साये में बातचीत स्वीकार नहीं करेंगे और जरूरत पड़ने पर युद्ध के मैदान में नए कदम उठाएंगे। हाल ही में अमेरिकी नौसेना ने ईरान के एक मालवाहक जहाज ‘Touska’ को जब्त कर लिया है, जिसे ईरान ने समुद्री डकैती और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका की उकसावे वाली हरकतों की वजह से शांति वार्ता में बाधा आ रही है।
अब तक कितना नुकसान हुआ और दुनिया की क्या राय है?
इस पूरे टकराव में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। वहीं संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव Antonio Guterres ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ती पाबंदियों पर गहरी चिंता जताई है और जहाजों के आने-जाने की आजादी बहाल करने की मांग की है।
| क्षेत्र/देश | कुल मौतें |
|---|---|
| ईरान | 3,375 |
| लेबनान | 2,290 |
| इसराइल | 23 |
| खाड़ी देश | 12 से ज्यादा |