अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की डिप्टी एनवॉय Tammy Bruce ने 10 जुलाई 2026 को एक आपातकालीन बैठक में कहा कि ईरान के साथ बातचीत का रास्ता अभी भी खुला है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान आम नागरिकों और जहाजों पर हमला करना बंद नहीं करता, तब तक बातचीत संभव नहीं होगी।

युद्धविराम खत्म होने का ऐलान

इसी दिन राष्ट्रपति Donald Trump ने Truth Social के जरिए घोषणा की कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम अब खत्म हो गया है। यह युद्धविराम 18 जून 2026 को ‘इस्लामाबाद समझौता’ (Islamabad MoU) के तहत हुआ था। इस समझौते पर राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने डिजिटल साइन किए थे। इसका मकसद 60 दिनों तक बातचीत करके शांति समझौता करना था, लेकिन ट्रंप ने 8 जुलाई को अंकारा में NATO समिट के दौरान ही इसे खत्म करने का संकेत दे दिया था।

जहाजों पर हमले और सैन्य टकराव

तनाव बढ़ने की मुख्य वजह Strait of Hormuz में तीन कमर्शियल जहाजों पर हुए हमले हैं। अमेरिका ने इन हमलों को आतंकवाद करार दिया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

अन्य देशों का क्या कहना है

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 7 जुलाई 2026 को कहा कि जब तक धमकियां जारी रहेंगी, वे किसी अंतिम समझौते के लिए बात नहीं करेंगे। इस बीच कतर और पाकिस्तान जैसे देश मामले को शांत कराने की कोशिश कर रहे हैं। चीन के डिप्टी एनवॉय Sun Lei ने तुरंत लड़ाई रोकने और ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग की है। यूरोपीय संघ ने भी बातचीत जारी रखने की सलाह दी है, क्योंकि इस तनाव की वजह से 2027 के तेल बाजार के अनुमानों में बदलाव करना पड़ सकता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.