US-Iran Tension: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी, पोर्ट्स की नाकेबंदी जारी रहेगी, 22 अप्रैल तक नहीं हुआ समझौता तो गिरेंगे बम
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वह किसी भी समय के दबाव में आकर कोई खराब समझौता नहीं करेंगे। ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन जाती। अब दुनिया की नज़रें 22 अप्रैल पर हैं, जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा दो हफ्ते का युद्धविराम खत्म होगा।
ट्रंप की चेतावनी और नाकेबंदी का क्या असर होगा?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह किसी भी तरह के दबाव में नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर बुधवार शाम तक कोई डील नहीं हुई, तो युद्धविराम खत्म हो जाएगा और ईरान में भारी बमबारी शुरू हो सकती है। ट्रंप ने खासतौर पर पावर प्लांट और पुलों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने की बात कही है। US Central Command (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि 13 अप्रैल से शुरू हुई इस नाकेबंदी के दौरान अब तक 27 जहाजों को वापस मोड़ा जा चुका है।
शांति वार्ता और ईरान का क्या स्टैंड है?
शांति बहाल करने के लिए अमेरिका की एक टीम पाकिस्तान के इस्लामाबाद जा रही है। इस टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे हैं, जिनके साथ Steve Witkoff और Jared Kushner भी शामिल हैं। पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वे अभी बातचीत में शामिल होने का फैसला नहीं ले पाए हैं। ईरान ने अमेरिका द्वारा M/V Touska नाम के जहाज को जब्त करने को समुद्री डकैती बताया है और इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना है।
तनाव से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| युद्धविराम खत्म होने की तारीख | 22 अप्रैल 2026 |
| नाकेबंदी शुरू होने की तारीख | 13 अप्रैल 2026 |
| जब्त जहाज का नाम | M/V Touska |
| अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल | JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner |
| बातचीत का स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| मोड़े गए जहाजों की संख्या | 27 |
| संभावित निशाने | पावर प्लांट और पुल |