अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। Ceasefire की समय सीमा खत्म होने वाली है और डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी सेना किसी भी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। इस अनिश्चितता की वजह से दुनिया भर के निवेशक डरे हुए हैं, जिसका सीधा असर यूरोप के शेयर बाज़ारों पर पड़ा है।

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यूरोप के शेयर बाज़ारों में क्यों आई गिरावट?

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। निवेशकों का भरोसा कमजोर होने के कारण यूरोप के बाजारों में बिकवाली देखी गई। 14 अप्रैल 2026 को प्रमुख इंडेक्स में यह गिरावट दर्ज की गई:

इंडेक्स का नाम गिरावट
STOXX 600 0.7%
DAX (जर्मनी) 1%
FTSE 100 (ब्रिटेन) 0.4%

क्या हवाई यात्रा और ईंधन पर पड़ेगा असर?

Strait of Hormuz के रास्ते बंद होने से यूरोप में जेट फ्यूल की भारी कमी हो सकती है। International Air Transport Association (IATA) के डायरेक्टर जनरल Willie Walsh ने चेतावनी दी है कि मई के अंत तक फ्लाइट्स के संचालन में दिक्कत आ सकती है। उन्होंने सभी अधिकारियों से जल्द से जल्द इमरजेंसी प्लान तैयार करने को कहा है।

चीन और ईरान का इस मुद्दे पर क्या स्टैंड है?

चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने जोर देकर कहा है कि Strait of Hormuz को खुला रखना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत जरूरी है। दूसरी तरफ, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिकी दबाव में या नौसैनिक नाकेबंदी के बीच बातचीत नहीं करेगा। इस्लामाबाद में होने वाली संभावित मीटिंग को लेकर भी अभी तक ईरान ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.