अमेरिका के जनरल Dan Caine ने साफ़ कर दिया है कि ईरान के साथ फिर से युद्ध शुरू करने का फैसला पूरी तरह से राजनीतिक होगा। हालांकि अमेरिकी सेना किसी भी बड़े हमले के लिए तैयार बैठी है, लेकिन फिलहाल ईरान की हरकतों को केवल परेशान करना माना जा रहा है। इस तनाव के बीच UAE और ओमान में हुए हमलों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।
Project Freedom क्या है और अमेरिका ने क्या तैयारी की है?
अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने Project Freedom नाम से एक मिशन शुरू किया है। इसका मकसद Strait of Hormuz में व्यापारिक जहाजों को ईरान के हमलों से बचाना है। इस मिशन के लिए अमेरिका ने भारी ताकत तैनात की है:
- करीब 15,000 सैनिक और 100 से ज्यादा हवाई जहाजों की तैनाती की गई है।
- समुद्र में गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स को तैनात किया गया है।
- अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि ईरान ने नागरिक जहाजों पर हमले किए, जिसके जवाब में अमेरिकी हेलीकॉप्टरों ने ईरान की 6 छोटी नावों को डुबो दिया।
UAE और ओमान पर हमलों का क्या असर हुआ?
क्षेत्र में तनाव इतना बढ़ गया है कि UAE ने ईरान पर फुजैराह (Fujairah) में मिसाइल और ड्रोन हमले का आरोप लगाया है, जिससे वहां की एक तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा है। इसी तरह ओमान में भी ईरानी हमले दर्ज किए गए हैं। इस पूरे विवाद की वजह से करीब 22,500 नाविक Strait of Hormuz में फंसे हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi का कहना है कि राजनीतिक समस्याओं का समाधान सेना के जरिए नहीं निकाला जा सकता।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता संभव है?
शांति की उम्मीदें कम नजर आ रही हैं क्योंकि राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के ताजा शांति प्रस्ताव पर अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वह इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं और युद्ध खत्म करने के लिए कोई डील होगी या नहीं, इस पर उन्होंने संदेह जताया है। दूसरी तरफ, ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने चेतावनी दी है कि उनकी सेना किसी भी अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर से युद्ध शुरू हो गया है?
अभी युद्ध शुरू नहीं हुआ है, लेकिन जनरल Caine ने कहा है कि सैन्य तैयारी पूरी है और दोबारा युद्ध शुरू करने का फैसला अब राजनीतिक नेतृत्व लेगा।
Project Freedom का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह अमेरिका का एक सुरक्षा मिशन है जिसके जरिए Strait of Hormuz में कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना और उन्हें ईरानी हमलों से बचाना है।