अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. एक इराकी एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि अमेरिका का प्लान सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उससे कहीं आगे का है. वहीं, ईरान ने किसी भी हमले का करारा जवाब देने की बात कही है. इस बीच कुवैत ने भी ईरान के राजदूत को बुलाकर अपना विरोध जताया है.
ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान ने साफ़ कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ दोबारा बातचीत तभी करेगा जब पांच शर्तें पूरी होंगी. इन शर्तों में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लड़ाई बंद करना, प्रतिबंध हटाना और ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस करना शामिल है. इसके अलावा ईरान ने युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपने अधिकारों को मानने की मांग की है. ईरान के विदेश मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि शांति के लिए ये सबसे बुनियादी जरूरतें हैं.
ईरान की सैन्य चेतावनी और युद्ध का खर्च
ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि अगर दुश्मन ने कोई नया हमला या हमला करने की कोशिश की, तो ईरान की सेना उसका निर्णायक और करारा जवाब देगी. उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान के अधिकारों को मानना होगा. दूसरी तरफ, पेंटागन के एक अधिकारी ने बताया कि 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अमेरिका का अब तक करीब 29 अरब डॉलर खर्च हो चुका है. इस मामले पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ चर्चा कर रहे हैं.
कुवैत और ईरान के बीच विवाद क्यों हुआ?
कुवैत सरकार ने ईरानी राजदूत को तलब किया है. कुवैत का आरोप है कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के कुछ सदस्यों ने वहां घुसपैठ की कोशिश की. हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है. इस पूरे विवाद के बीच पाकिस्तान दोनों देशों के बीच बातचीत करवाने की कोशिश कर रहा है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान ने पांच शर्तें रखी हैं, जिनमें प्रतिबंध हटाना, लेबनान में युद्ध रोकना, जमी संपत्ति वापस पाना, युद्ध के नुकसान की भरपाई और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर संप्रभुता को मान्यता देना शामिल है.
ईरान और अमेरिका के युद्ध में अमेरिका का कितना खर्च हुआ?
पेंटागन के एक अधिकारी के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक इस युद्ध में अमेरिका का लगभग 29 अरब डॉलर का खर्च हो चुका है.
