27 मई 2026 को ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरानी नौसेना के अधिकारी मोहम्मद अकबरजादेह ने कहा है कि अमेरिका के साथ सीधे युद्ध की संभावना तो कम है क्योंकि दुश्मन कमजोर पड़ चुका है, लेकिन अगर कोई भी हिमाकत की गई तो ईरानी सेना चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि चाबहार से लेकर माहशहर तक के पूरे समुद्र तट को हमलावरों के लिए कब्रगाह बना दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच पहले से ही सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है।

अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में क्यों किए हवाई हमले?

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने दक्षिणी ईरान में कुछ ठिकानों पर हमले किए हैं जिन्हें उसने आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों में उन मिसाइल लॉन्च साइटों और ईरानी नावों को निशाना बनाया गया जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। अमेरिका ने कहा कि यह कदम व्यापारिक जहाजों और अपने विमानों की सुरक्षा के लिए जरूरी था। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे सीजफायर समझौते का गंभीर उल्लंघन बताया है।

ईरानी नेताओं और क्षेत्रीय देशों की क्या प्रतिक्रिया है?

इस पूरे घटनाक्रम के बाद ईरान के भीतर से बेहद कड़े बयान सामने आ रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने साफ कहा है कि मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब सुरक्षित नहीं रहेंगे। वहीं ईरानी संसद के अध्यक्ष एमबी गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि देश के सशस्त्र बल किसी भी हमले का ऐसा जवाब देंगे जो हमेशा के लिए सबक बन जाएगा। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने भी इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल इस जंग में एक हथियार की तरह किया जा रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के किस अधिकारी ने अमेरिका को चेतावनी दी है?

ईरानी नौसेना के अधिकारी मोहम्मद अकबरजादेह ने चेतावनी दी है कि ईरान के बल घात लगाकर बैठे हैं और वे हमलावरों के लिए समुद्र तट को कब्रगाह बना देंगे।

अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में हमले क्यों किए?

अमेरिकी सेना के अनुसार, उन्होंने व्यापारिक जहाजों और अपने विमानों की सुरक्षा के लिए मिसाइल लॉन्च साइटों और बारूदी सुरंग बिछाने वाली ईरानी नावों पर आत्मरक्षा में हमले किए हैं।

ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को लेकर क्या बयान दिया है?

सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने घोषित किया है कि इस कार्रवाई के बाद मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब सुरक्षित नहीं रहेंगे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.