अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है और तनाव अब चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने हंगरी के बुडापेस्ट में साफ किया है कि अब फैसला लेने की बारी ईरान की है. उन्होंने हंगरी के प्रधानमंत्री Viktor Orban के साथ बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका शांति और बातचीत का रास्ता चाहता है, लेकिन उसके पास बहुत ताकतवर सैन्य विकल्प भी मौजूद हैं. राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है कि वह युद्धविराम के समझौते को मान ले.

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अमेरिका की चेतावनी और अब तक की सैन्य कार्रवाई

व्हाइट हाउस ने ईरान को बेहद कड़ा संदेश भेजा है और कहा है कि अगर बातचीत सफल नहीं होती है, तो ईरान को भारी तबाही का सामना करना पड़ेगा. इस चेतावनी के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला भी शुरू कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island) और एक रेल पुल पर हमले किए गए हैं. ईरान में इन हमलों के बाद बड़े धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं.

  • सख्त समय सीमा: राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार रात 8 बजे तक समझौता करने का समय दिया है.
  • व्हाइट हाउस का बयान: चेतावनी दी गई है कि समझौते के बिना ईरान को बहुत पुराने दौर में वापस भेज दिया जाएगा.
  • सैन्य लक्ष्य: JD Vance ने कहा कि अमेरिका ने ईरान में अपने कई सैन्य उद्देश्यों को काफी हद तक पूरा कर लिया है.
  • परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका ने साफ किया है कि वह ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा.

वार्ता की स्थिति और कतर की बड़ी चेतावनी

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस खींचतान में अब कतर ने भी चिंता जताई है. कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष की वजह से कूटनीतिक बातचीत का मौका बहुत तेजी से हाथ से निकल रहा है. ईरान ने अमेरिका द्वारा दिए गए 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को पहले ही ठुकरा दिया है और अपनी नई शर्तें पेश की हैं, जिन्हें ट्रंप ने पूरी तरह सही नहीं माना है. वर्तमान स्थिति को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:

प्रमुख नेता अधिकारिक बयान और स्थिति
Donald Trump ईरान के साथ बातचीत जारी है लेकिन डेडलाइन खत्म होने पर भारी बमबारी की जाएगी.
JD Vance अमेरिका शांति चाहता है लेकिन ईरान को अपनी गंभीरता दिखानी होगी.
Iran Foreign Ministry अभी तक अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है.
Karoline Leavitt पुष्टि की कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है.