अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि अमेरिका ईरान पर बहुत कड़ा प्रहार करेगा। इस बयान के बाद 31 जुलाई 2026 को पेंटागन ने किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई पर चुप्पी साधे रखी है, लेकिन स्पष्ट किया कि सेना पूरी तरह तैयार है। इस तनाव का असर खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है, जहाँ ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी गई है।
कुवैत में ड्रोन हमला और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दो टैंकरों पर हमले का दावा किया है, जिसके कारण वहां ट्रांजिट पूरी तरह से बंद हो गया है। ईरान की सेना ने कुवैत में स्थित Ahmad al-Jaber Air Base को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए, हालांकि कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इन ड्रोन्स को इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की है।
दुनिया भर में चिंता और साइबर हमलों का खतरा
संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने चेतावनी दी है कि ईरान में जारी यह संघर्ष वैश्विक अस्थिरता को बढ़ा रहा है। इसके साथ ही, अमेरिका के विभिन्न राज्यों में पानी की सप्लाई व्यवस्था पर हुए साइबर हमलों के पीछे भी ईरान का हाथ होने की जांच की जा रही है। ईरान के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने सोशल मीडिया पर कहा है कि यदि उनकी सुरक्षा के साथ समझौता हुआ, तो किसी भी बुनियादी ढांचे को सुरक्षित नहीं माना जाएगा।
