अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि 5 जून 2026 को अमेरिका ने ईरान के गोरुक (Goruk) और कीशम द्वीप (Qeshm Island) पर बमबारी की है। लेकिन अमेरिकी सेना और आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह हमले 5 जून को नहीं बल्कि जून के पहले हफ्ते की शुरुआत में हुए थे। वहीं अमेरिका ने खाड़ी देशों की सुरक्षा और ईरान के दावों को लेकर एक नया बयान भी जारी किया है।

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अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर कब और क्यों किए हमले?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने 1 और 2 जून 2026 को ईरान के गोरुक इलाके और कीशम द्वीप पर सुरक्षात्मक हमले किए थे। ये हमले मुख्य रूप से ईरान के रडार सिस्टम और ड्रोन कमांड सेंटरों को निशाना बनाकर किए गए थे। इसके बाद 3 जून 2026 को भी अमेरिका ने कीशम द्वीप पर जवाबी कार्रवाई की थी। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को गिराने और अन्य आक्रामक हरकतों के जवाब में की गई थी।

क्या ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर की फायरिंग?

ईरान की तरफ से दावा किया गया था कि उसने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों को पीछे धकेलने के लिए चेतावनी के तौर पर फायरिंग की है। हालांकि, 5 जून 2026 को अमेरिकी सेना ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट किया कि ईरानी बलों ने अमेरिकी युद्धपोतों पर कोई हमला या फायरिंग नहीं की है। अमेरिका ने कहा कि इस तरह की कोई भी हरकत युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन मानी जाएगी और अमेरिकी बल क्षेत्र में अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

खाड़ी क्षेत्र में चल रहे अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम क्या हैं?

इस सैन्य तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत भी चल रही है। इसके साथ ही कुछ अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम इस प्रकार हैं:

  • प्रतिबंधित जहाज पकड़ाया: अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने हिंद महासागर में कार्रवाई करते हुए बिना देश के पंजीकरण वाले एक संदिग्ध तेल टैंकर जहाज M/T DAVINA को रोका है।
  • ईरान की शांति के लिए शर्त: ईरान ने लेबनान से इजरायली सेना के पीछे हटने की शर्त रखी है और हिजबुल्लाह को अपना पूरा समर्थन देने की बात दोहराई है।
  • यूएन में निंदा प्रस्ताव की तैयारी: अमेरिका संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था (IAEA) की बैठक से पहले ईरान के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव का मसौदा तैयार कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका ने 5 जून 2026 को ईरान पर हमला किया?

नहीं, अमेरिका ने 5 जून को कोई हमला नहीं किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान के गोरुक और कीशम द्वीप पर हमले जून के पहले हफ्ते की शुरुआत में यानी 1, 2 और 3 जून को किए गए थे।

अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना क्यों बनाया?

अमेरिकी सेना ने यह कार्रवाई ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को गिराने और क्षेत्र में बढ़ रही आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की थी।