अमेरिका और ईरान के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि अब कच्चे तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा की तेजी आ गई है। 8 जुलाई 2026 को दोनों देशों के बीच हुआ समझौता टूट गया और फिर से हमले शुरू हो गए। इस वजह से दुनिया भर के तेल बाजार में डर का माहौल है और कीमतें दो हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ी लड़ाई
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ हुए समझौते को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अमेरिका ने ईरान पर कई सैन्य हमले किए हैं ताकि Strait of Hormuz से जहाजों का आना-जाना चालू रहे। यह कदम 7 जुलाई को तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में उठाया गया।
दूसरी तरफ, ईरान ने भी बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान के ही शहरों जैसे Bandar Abbas, Abu Musa और Bushehr में भी धमाकों की खबरें आई हैं। इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान को तेल बेचने की जो छूट दी थी, उसे भी वापस ले लिया है।
समुद्री रास्तों पर असर और जहाजों की वापसी
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव इतना ज्यादा है कि कई तेल और गैस टैंकरों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। इनमें QatarEnergy के तीन LNG टैंकर और कुवैती तेल ले जा रहा एक भारतीय झंडे वाला बड़ा जहाज (VLCC) शामिल था। एक कतरी LNG टैंकर और एक सऊदी जहाज को हमलों में नुकसान भी पहुँचा है।
International Maritime Organization (IMO) के प्रमुख Arsenio Dominguez ने इन हमलों की निंदा की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर क्रू की सुरक्षा पक्की नहीं है, तो इस रास्ते से न जाएं। जानकारों का कहना है कि इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है और तेल की कीमतें 80 डॉलर तक पहुँच सकती हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| Brent Crude Price | $78.02 |
| WTI Crude Price | $73.52 |
| कीमतों में बढ़ोत्तरी | 5% से ज्यादा |
| तारीख | 8 जुलाई 2026 |
| प्रभावित टैंकर | 4 |
| लाइसेंस की समय सीमा | 21 अगस्त |
