US-Iran Tension: अमेरिका की नाकाबंदी से ईरान नाराज, पाकिस्तान नहीं भेजेगी बातचीत की टीम, ट्रंप ने दी चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी किए जाने के बाद अब ईरान ने पाकिस्तान अपनी बातचीत की टीम न भेजने का फैसला किया है. यह सब उस वक्त हो रहा है जब पाकिस्तान की मदद से हुआ युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है और दोनों देशों के बीच बातचीत की उम्मीद थी.
ईरान ने बातचीत के लिए टीम भेजने से मना क्यों किया?
Tasnim न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है और साथ ही कुछ ऐसी मांगें रखी हैं जो ईरान को मंजूर नहीं हैं, इसी वजह से ईरान ने अपनी टीम पाकिस्तान भेजने से मना कर दिया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने इस नाकाबंदी को गैरकानूनी और आपराधिक बताया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने युद्धविराम के नियमों को तोड़ा है और यह एक युद्ध अपराध है.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या चेतावनी दी है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि उनके negotiators सोमवार 20 अप्रैल को बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचेंगे. ट्रंप ने बहुत सख्त लहजे में कहा है कि अगर ईरान ने उनके द्वारा दिए गए ऑफर को नहीं माना, तो अमेरिका ईरान के हर एक पावर प्लांट और हर एक पुल को तबाह कर देगा. इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट 19 अप्रैल के बाद ईरानी तेल पर नए प्रतिबंध भी लागू करने वाला है.
ईरान और अमेरिका विवाद की मुख्य बातें
| तारीख/विषय | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| 19 अप्रैल 2026 | ईरान ने नाकाबंदी के कारण टीम भेजने से मना किया |
| 20 अप्रैल 2026 | अमेरिकी टीम का इस्लामाबाद पहुंचने का समय |
| 22 अप्रैल 2026 | पाकिस्तान द्वारा कराया गया युद्धविराम खत्म होगा |
| हॉर्मुज जलडमरूमध्य | ईरान ने कहा कि नाकाबंदी हटने तक रास्ता बंद रहेगा |
| पिछली बातचीत | 11 अप्रैल की मीटिंग बिना किसी समझौते के खत्म हुई थी |
| मुख्य विवाद | परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर सहमति नहीं बन पाई |
ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने साफ किया है कि परमाणु कार्यक्रम और हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे बड़े मुद्दों पर अमेरिका और ईरान की सोच में काफी अंतर है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने अपनी नाकाबंदी नहीं हटाई, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते यातायात को और सीमित कर दिया जाएगा. फिलहाल इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि आने वाली अमेरिकी टीम सुरक्षित रहे.