ईरान के Qeshm Island पर 14 जुलाई 2026 की शाम को संदिग्ध हमले की खबर सामने आई है। स्थानीय अधिकारियों और Hormozgan Governorate के अनुसार, शाम 7:00 बजे अमेरिकी बलों की तरफ से करीब 11 मिसाइलें दागी गईं। इस घटना के बाद से खाड़ी देशों में हड़कंप मचा हुआ है।
📰: Puri Rath Yatra में भीड़ का भारी दबाव, 1 व्यक्ति की मौत और 100 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती.।
हमले के पीछे क्या है अमेरिका का दावा
अमेरिकी सैन्य मुख्यालय CENTCOM ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि उनके हवाई हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म को नष्ट करना था। 15 जुलाई 2026 को सुबह 7:30 बजे ET तक ये हमले जारी रहे। अमेरिका का कहना है कि वे Strait of Hormuz में समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखना चाहते हैं और ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे जहाजों को उन्होंने दूसरी दिशा में मोड़ दिया है।
ईरान की चेतावनी और क्षेत्रीय स्थिति
ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इस हमले का कड़ा जवाब देने की बात कही है। उन्होंने Operation Nasr 2 का जिक्र करते हुए अरब देशों में तैनात अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले की घोषणा की है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उनकी सीमा पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इस तनाव को देखते हुए 16 जुलाई को सऊदी अरब ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन के साथ एकजुटता दिखाते हुए ईरान की आक्रामक नीतियों का विरोध किया है।
