US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, जहाज जब्त और बमबारी की धमकी, रूस ने जताई दुनिया की अर्थव्यवस्था की चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। जहां एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के लिए पाकिस्तान में दूत भेजने की बात कही है, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने ईरान में बमबारी करने की धमकी भी दे डाली है। बीच में रूस ने चिंता जताई है कि अगर यह मामला समय पर नहीं सुलझा तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।

अमेरिका और ईरान के बीच असल विवाद क्या है?

दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद Strait of Hormuz की नाकेबंदी को लेकर है। अमेरिका ने हाल ही में TOUSKA नाम के एक ईरानी कार्गो जहाज को जब्त कर लिया है, जिसे ईरान ने समुद्री डकैती और नियमों का उल्लंघन बताया है। डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर बमबारी की जा सकती है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने कहा है कि अमेरिका ने युद्धविराम के नियमों को तोड़ा है, इसलिए फिलहाल वे नई बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं।

रूस और पाकिस्तान की इस मामले में क्या भूमिका है?

रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि अमेरिका और ईरान को बातचीत जारी रखनी चाहिए ताकि दुनिया की इकोनॉमी और क्षेत्र की शांति बनी रहे। रूस ने ईरान के परमाणु ईंधन (यूरेनियम) को देश से बाहर ले जाने का एक प्रस्ताव दिया था, लेकिन अमेरिका ने इसे ठुकरा दिया। इस बीच पाकिस्तान एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और इस्लामाबाद में दूसरी दौर की बातचीत की तैयारियां कर रहा है, हालांकि ईरान ने फिलहाल इसमें शामिल होने से मना किया है।

तनाव के मुख्य बिंदु और संभावित असर

इस पूरे विवाद में कई ऐसी चीजें हैं जो दुनिया के बाजार और आम आदमी की जेब पर असर डाल सकती हैं। नीचे दी गई टेबल में मुख्य विवादों को समझाया गया है:

मुख्य मुद्दा मौजूदा स्थिति संभावित असर
Strait of Hormuz अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी
TOUSKA जहाज अमेरिका द्वारा जब्त किया गया व्यापारिक रिश्तों में कड़वाहट
युद्धविराम (Ceasefire) बुधवार को खत्म होगा हिंसक संघर्ष का खतरा
परमाणु कार्यक्रम यूरेनियम हटाने का प्रस्ताव फेल सुरक्षा चिंताओं में वृद्धि