US-Iran Tension: अमेरिका ने लगाया समुद्री नाकाबंदी का पहरा, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर रोकी एंट्री
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. दोनों देशों के बीच बातचीत तो चल रही है लेकिन असल में कोई नतीजा नहीं निकल रहा है. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर फिर से पाबंदियां लगा दी हैं, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी है.
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की क्या स्थिति है?
मिडल ईस्ट इंस्टीट्यूट के एक्सपर्ट Alan Eyre ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जो अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं, वे सिर्फ राजनीतिक मैसेजिंग हैं. उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच समझौते की दिशा में कोई असली तरक्की नहीं हुई है. ईरान फिलहाल पाकिस्तान के जरिए अमेरिका से मिले नए प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है, लेकिन उसने साफ कर दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा.
होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री नाकाबंदी का क्या असर है?
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी कर रखी है, जिसके कारण 23 जहाज वापस मुड़ गए हैं. ईरान ने पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का संकेत दिया था, लेकिन बाद में फिर से पाबंदियां लगा दीं. ईरान के नए सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei ने चेतावनी दी है कि उनकी नौसेना दुश्मनों को करारा जवाब देने के लिए तैयार है.
| व्यक्ति या संस्था | मुख्य बयान/स्थिति |
|---|---|
| Alan Eyre | बातचीत सिर्फ राजनीतिक मैसेजिंग है, कोई ठोस तरक्की नहीं हुई. |
| डोनाल्ड ट्रम्प | ईरान अमेरिका को ब्लैकमेल नहीं कर सकता, नाकाबंदी जारी रहेगी. |
| सईद खातिबजादेह | अमेरिका के बयानों से भ्रम फैलता है, उन्हें अपनी जिद छोड़नी होगी. |
| मोहम्मद रज़ा आरिफ | होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूरा कंट्रोल है. |
| अब्बास अराघची | रास्ता खोलने की बात कही थी, लेकिन बाद में पाबंदी लागू हुई. |
| CENTCOM | 23 जहाज अमेरिकी निर्देशों के बाद वापस मुड़ चुके हैं. |