ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव, ट्रम्प ने दी सबसे बड़े हमले की धमकी, ओमान के रास्ते बातचीत की कोशिश जारी

Praggya Singh sabal5 August 20262 min read71 viewsWorld
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव, ट्रम्प ने दी सबसे बड़े हमले की धमकी, ओमान के रास्ते बातचीत की कोशिश जारी

दुनिया भर की नजरें इस समय मिडिल ईस्ट के हालात पर टिकी हुई हैं, जहाँ अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 5 अगस्त 2026 को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का अपना सबसे बड़ा हमला करने की पूरी तैयारी कर ली थी। हालांकि, राष्ट्रपति का कहना है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और खुद ईरान की तरफ से बातचीत की गुहार लगाने के बाद इस ऑपरेशन को फिलहाल टाल दिया गया है।

ईरान और अमेरिका के दावों में अंतर

ट्रम्प ने साफ किया है कि ईरान के लिए यह डील हासिल करने का आखिरी मौका है और वे इसे 'डिकैपिटेशन' यानी खात्मे से पहले की आखिरी चेतावनी मान सकते हैं। दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान का कहना है कि वे केवल ओमान के जरिए बातचीत कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में सुरक्षित समुद्री व्यापार सुनिश्चित करना है।

बढ़ती सुरक्षा चुनौतियां और नौसैनिक गतिविधियां

क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए CENTCOM ने 4 अगस्त 2026 को जानकारी दी कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी के दौरान 45 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला है, जबकि दो जहाजों को रोका गया और दो अन्य की तलाशी ली गई। इस दौरान ओमान के तट के पास एक अज्ञात कार्गो जहाज पर हमला हुआ, कुवैत में अमेरिकी बेस पर ईरानी ड्रोन गिरने की खबरें आईं और सऊदी अरब के एक एयरपोर्ट पर हुती विद्रोहियों द्वारा हमले का दावा किया गया। इस उथल-पुथल के बीच, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने कहा है कि ओमान के माध्यम से जल्द ही होर्मुज में आवाजाही बहाल करने का समझौता हो सकता है, जिससे ऊर्जा की कीमतें स्थिर हो सकेंगी।

कूटनीतिक कोशिशें और सैन्य स्थिति

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed al-Ansari ने पुष्टि की है कि वे कूटनीतिक समाधान खोजने के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने भी साफ किया कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी डायरेक्ट मीटिंग की कोई योजना नहीं है। इस बीच, वॉर सेक्रेटरी Pete Hegseth ने उन अटकलों को गलत बताया है जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका के पास लंबी दूरी की मिसाइलों का स्टॉक बहुत कम हो गया है। प्रवासियों और खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि क्षेत्र में अस्थिरता का सीधा असर तेल की कीमतों और समुद्री सुरक्षा पर पड़ता है, जिससे सप्लाई चेन और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।

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