अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिका ने ‘Project Freedom’ शुरू किया है। US Central Command के प्रवक्ता Tim Hawkins ने बताया कि उनकी मुख्य प्राथमिकता व्यापारी जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना और ईरान की नाकेबंदी करना है।
Project Freedom क्या है और इसके पीछे क्या मकसद है?
Defense Secretary Pete Hegseth ने बताया कि राष्ट्रपति Donald Trump के निर्देश पर यह मिशन शुरू किया गया है। इसका मुख्य मकसद समुद्री व्यापार को फिर से शुरू करना है। Gen. Dan Caine के मुताबिक इस ऑपरेशन में 100 से ज़्यादा हवाई जहाज़, 15,000 सैनिक और गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल हैं। अमेरिका ने इसे एक अस्थायी और रक्षात्मक कदम बताया है ताकि ईरानी हमलों से जहाजों को बचाया जा सके।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या टकराव हुआ?
4 मई 2026 को ईरान ने UAE और अमेरिकी जहाजों पर हमला किया। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान की 6 छोटी नावों को नष्ट कर दिया और कई मिसाइलें और ड्रोन हवा में ही गिरा दिए। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनके और ईरान के बीच ceasefire (युद्धविराम) अभी भी लागू है। वहीं, 13 अप्रैल से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है, जिसकी वजह से अब तक 49 कमर्शियल जहाजों को वापस लौटना पड़ा है।
व्यापार और शिपिंग पर इसका क्या असर पड़ा?
- सैकड़ों व्यापारी जहाज़ फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं और सुरक्षित रास्ते का इंतज़ार कर रहे हैं।
- बड़ी शिपिंग कंपनी Hapag-Lloyd AG ने कहा है कि उनके जहाजों के लिए फिलहाल Strait of Hormuz से गुज़रना मुमकिन नहीं है।
- 5 मई को दो अमेरिकी जहाजों ने अमेरिकी सेना की सुरक्षा में सफलतापूर्वक इस रास्ते को पार किया है।
- ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका की यह कार्रवाई युद्धविराम का उल्लंघन है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Project Freedom क्या है?
यह अमेरिकी सेना का एक सैन्य मिशन है जिसका लक्ष्य Strait of Hormuz में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना और ईरानी हमलों को रोकना है।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम खत्म हो गया है?
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ceasefire अभी भी लागू है, लेकिन ईरान और UAE पर हुए हमलों के कारण क्षेत्र में तनाव बहुत बढ़ गया है।