अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने Strait of Hormuz को खोलने और अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने का एक प्रस्ताव दिया था, लेकिन राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। अब हालात ऐसे बन गए हैं कि दोनों देशों के बीच फिर से सैन्य टकराव शुरू होने का खतरा मंडरा रहा है।

ईरान का क्या था प्रस्ताव और ट्रंप ने क्यों किया मना?

ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए 30 अप्रैल 2026 को एक नया प्रस्ताव अमेरिका को भेजा था। इस प्रस्ताव में कहा गया था कि अगर अमेरिका अपनी नाकेबंदी हटा ले और Strait of Hormuz में जहाजों का रास्ता खोल दे, तो परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत बाद में की जा सकती है। हालांकि, 1 मई 2026 को President Donald Trump ने साफ कर दिया कि वह इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। ट्रंप के मुताबिक ईरान ऐसी मांगें कर रहा है जिन्हें वह स्वीकार नहीं कर सकते। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Anna Kelly ने भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।

जहाजों के रास्ते बंद और शिपिंग कंपनियों की बढ़ी परेशानी

अमेरिकी सेना की US Central Command (CENTCOM) ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों पर पूरी तरह नाकेबंदी लागू कर रखी है। खबर है कि अब तक 45 कमर्शियल जहाजों को वापस मोड़ा गया है ताकि नाकेबंदी का पालन हो सके। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने चेतावनी दी है कि यह नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक नौवहन की आजादी सुनिश्चित नहीं हो जाती। इस तनाव का असर अब व्यापार पर भी दिखने लगा है। दुनिया की सबसे बड़ी कंटेनर कंपनी MSC ने ऐलान किया है कि वह Strait of Hormuz से बचकर एक नया रास्ता अपनाएगी, जिसकी पहली यात्रा 10 मई से शुरू होगी।

क्या फिर से शुरू होगी जंग?

ईरान के भीतर अब युद्ध जैसे हालात बन रहे हैं। वहां के संसद सदस्य Mohammad Bagher Ghalibaf और Ali Nikzad ने Strait of Hormuz को ईरान की रणनीतिक ताकत और परमाणु बम के बराबर बताया है। वहीं, एक सीनियर मिलिट्री ऑफिसर Mohammad Jafar Asadi ने 2 मई 2026 को बयान दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से लड़ाई शुरू होना काफी मुमकिन है। हालांकि ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस को बताया कि 7 अप्रैल से औपचारिक तौर पर सैन्य गतिविधियां रुकी हुई हैं, लेकिन नाकेबंदी और जहाजों को रोकने की कार्रवाई अब भी जारी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में जहाजों की स्थिति क्या है?

US Central Command ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की है, जिसकी वजह से 45 से ज्यादा कमर्शियल जहाजों को वापस मोड़ दिया गया है और बड़ी कंपनियां अब दूसरे रास्तों का इस्तेमाल कर रही हैं।

ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान ऐसी शर्तें रख रहा है जिन पर वह सहमत नहीं हो सकते, साथ ही अमेरिका का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है।