अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। Strait of Hormuz में दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीधी भिड़ंत हो रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर अमेरिका ने सैन्य दबाव जारी रखा, तो ईरान कड़ा जवाब देगा। इस लड़ाई का असर अब Gulf देशों और यहाँ रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा और व्यापार पर भी पड़ सकता है।
ईरान क्यों नहीं मान रहा अमेरिका की शर्तें?
Quincy Institute के Trita Parsi ने बताया कि ईरान अब लेबनान जैसी स्थिति स्वीकार नहीं करेगा। लेबनान में ऐसा हुआ कि युद्धविराम सिर्फ एक तरफ से लागू था। ईरान का मानना है कि अमेरिका केवल अपनी शर्तों पर शांति चाहता है ताकि वह और इसराइल फिर से हमले की तैयारी कर सकें। ईरान चाहता है कि अमेरिका यह साबित करे कि वह इसराइल को रोकने की क्षमता रखता है। Trita Parsi के अनुसार, ईरान इस संघर्ष को जानबूझकर बढ़ा रहा है ताकि यह अमेरिका के लिए बहुत महंगा साबित हो।
Strait of Hormuz में क्या हुआ और UAE पर क्या असर पड़ा?
- समुद्री भिड़ंत: US ने दो ईरानी टैंकरों को रोका और ईरान ने US युद्धपोतों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया, जिन्हें US ने नष्ट कर दिया।
- UAE में हमला: UAE की एयर डिफेंस ने 2 बैलिस्टिक मिसाइलों और 3 ड्रोन्स को रोका, लेकिन इस दौरान 3 लोग घायल हुए। हालांकि ईरान ने इन हमलों की जिम्मेदारी से इनकार किया है।
- भारतीय नाविक: एक कार्गो जहाज में आग लगने से एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और 17 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
- US की चेतावनी: राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो वह ‘Project Freedom’ के तहत सैन्य ताकत बढ़ाएंगे।
शांति की कोशिशें और नए प्रतिबंध
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने ईरान को 14 पॉइंट का शांति प्रस्ताव भेजा है, जिसका जवाब अभी आना बाकी है। दूसरी तरफ, अमेरिकी खजाने विभाग ने चीन, हांगकांग और दुबई की 10 कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इन कंपनियों पर ईरान को ड्रोन और मिसाइल बनाने में मदद करने का आरोप है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने UN के प्रस्तावों को गलत और राजनीति से प्रेरित बताया है। वहीं, इसराइल और लेबनान के बीच भी लड़ाई तेज हो गई है, जिसमें हिजबुल्लाह के एक कमांडर की मौत हो गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz में तनाव क्यों बढ़ रहा है?
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की है और ईरान इसे गलत मानता है। दोनों देशों की नौसेना के बीच वहां जहाजों को रोकने और मिसाइल हमलों को लेकर टकराव जारी है।
क्या यह विवाद Gulf में रहने वाले भारतीयों को प्रभावित करेगा?
समुद्री रास्तों में तनाव बढ़ने से माल ढुलाई प्रभावित होती है जिससे सामान महंगा हो सकता है। साथ ही, सैन्य गतिविधियों के कारण सुरक्षा जोखिम बढ़ते हैं जो प्रवासियों और यात्रियों के लिए चिंता का विषय है।