ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब गंभीर रूप ले चुका है। 13 जुलाई 2026 को ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत के महशहर में अमेरिकी हमले के बाद हालात बिगड़ गए हैं। इस हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई और चार लोग घायल हुए हैं। ईरान के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि महशहर, हेंदीजान और आबादान में अमेरिकी प्रोजेक्टाइल गिरे हैं।
क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा की स्थिति
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। इसके जवाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन, कुवैत और कतर में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। तनाव के चलते ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। CENTCOM ने स्पष्ट किया है कि वे व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान पर कड़ा प्रहार किया है।
खाड़ी देशों पर असर
इस संघर्ष की आग खाड़ी के अन्य देशों तक भी पहुँच गई है। UAE में ईरानी मिसाइलें इंटरसेप्ट की गईं और कतर में मलबे के गिरने से तीन लोग घायल हुए हैं। ओमान ने भी ड्रोन हमलों की निंदा करते हुए ईरान के राजदूत को तलब किया है। भारतीय प्रवासी और खाड़ी में काम करने वाले लोग इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि हवाई मार्ग और समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकते हैं। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने हालांकि ईरान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनके किसी भी बेस पर जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है और ज्यादातर मिसाइलें रास्ते में ही रोक दी गई थीं।
