अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की अपनी जिद नहीं छोड़ी, तो अमेरिका कोई भी सख्त कदम उठा सकता है। अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकेबंदी कर दी है जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।

ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी है?

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लीविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने सभी विकल्प खुले रखे हैं। उन्होंने साफ किया कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ट्रंप का मानना है कि नाकेबंदी की वजह से ईरान अब डील करने के लिए मजबूर होगा। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरान के साथ युद्ध अब खत्म होने के बहुत करीब है।

जमीन पर क्या हालात हैं और सेना ने क्या किया?

अमेरिकी सेना ने 15 अप्रैल 2026 तक ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी पूरी कर ली है। पेंटागन अब मिडिल ईस्ट में हजारों अतिरिक्त सैनिक, नाविक और मरीन भेज रहा है। इस इलाके में तीन एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किए जाएंगे ताकि ईरान पर दबाव बनाया जा सके। फिलहाल दोनों पक्ष 22 अप्रैल को खत्म होने वाले युद्धविराम (ceasefire) को दो हफ्ते और बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।

डील क्यों नहीं हो पाई और अन्य देशों का क्या कहना है?

बातचीत मुख्य रूप से यूरेनियम बनाने पर अटकी रही। अमेरिका चाहता था कि ईरान 20 साल तक इसे बंद रखे, लेकिन ईरान सिर्फ 5 साल के लिए तैयार था। इस मामले पर अलग-अलग देशों और संस्थाओं की राय इस प्रकार है:

संस्था/देश मुख्य बयान
ईरान अमेरिका अपनी शर्तें बदल रहा है और नाकेबंदी कर रहा है।
IAEA ईरान का परमाणु कार्यक्रम बहुत बड़ा है, वहां निरीक्षकों का होना जरूरी है।
रूस ईरान को नागरिक इस्तेमाल के लिए यूरेनियम बनाने का पूरा हक है।
चीन युद्ध रोकने की हर कोशिश का स्वागत है, पाकिस्तान की मध्यस्थता अच्छी है।
अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com