ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों को तोड़ने और परमाणु हथियारों के गलत इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया है। जब दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात बन रहे थे, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले हमले को फिलहाल रोक दिया है। कतर, सऊदी अरब और UAE जैसे देशों के अनुरोध के बाद यह फैसला लिया गया है ताकि बातचीत से मामला सुलझ सके।
ईरान ने अमेरिका पर क्या गंभीर आरोप लगाए हैं?
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने अमेरिका को आड़े हाथों लिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका इतिहास का एकमात्र ऐसा देश है जिसने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया है। ईरान के मुताबिक अमेरिका ने IAEA की निगरानी में मौजूद शांतिपूर्ण परमाणु केंद्रों पर हमले किए और आम नागरिकों व बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया। ईरान ने यह भी कहा कि अमेरिका समुद्र में गैरकानूनी नाकेबंदी करके अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहा है।
हमले की तैयारी और Gulf देशों की भूमिका
ताज़ा जानकारी के अनुसार, 19 मई 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नियोजित हमले को रोक दिया था। यह फैसला तब आया जब कतर, सऊदी अरब और UAE के नेताओं ने कूटनीतिक कोशिशों के लिए और समय मांगा। हालांकि, अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ किया है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर परमाणु वार्ता फेल होती है तो अमेरिकी सेना हमले के लिए पूरी तरह तैयार है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति किसी भी हाल में नहीं दी जाएगी।
ईरान की जवाबी तैयारी और बातचीत का रास्ता
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बाकाएई ने कहा कि यूरेनियम संवर्धन ईरान का अधिकार है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा। पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए कुछ संशोधित प्रस्ताव ईरान को भेजे हैं। वहीं, ईरानी सेना के जनरल मोहम्मद अकरमीनिया ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो ईरान नए तरीकों और नए मोर्चों से इसका जवाब देगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया है?
नहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 मई 2026 को हमले को रोक दिया। कतर, सऊदी अरब और UAE की अपील के बाद कूटनीतिक प्रयासों के लिए समय दिया गया है।
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में कौन मदद कर रहा है?
पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और अमेरिका ने पाकिस्तान के ज़रिए ईरान को कुछ प्रस्ताव भेजे हैं।
