अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिका ईरान पर बड़ा हमला करने जा रहा है। हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए मिसाइल और हवाई हमलों ने क्षेत्र में बने शांति समझौते को बड़े खतरे में डाल दिया है। ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी हैं, जिससे खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या बड़ा बयान दिया है?
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर बयान जारी कर कहा कि ईरान ने समझौते के लिए बहुत लंबा समय ले लिया है और अब उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिकी सेना ईरान के बिजली घरों और पुलों को निशाना बना सकती है। उन्होंने हाल ही में ईरान पर किए गए अमेरिकी हमलों का बचाव करते हुए इन्हें जरूरी बताया और कहा कि अगर बातचीत आगे नहीं बढ़ी तो आगे भी हमले होते रहेंगे।
इस नए विवाद की शुरुआत कैसे हुई और कहां-कहां हमले हुए?
तनाव की ताजा शुरुआत 8 जून 2026 को हुई जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को कथित तौर पर ईरानी ड्रोन द्वारा मार गिराया गया। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 9 जून को ईरान के राडार और संचार केंद्रों पर हवाई हमले किए। इसके बाद बुधवार 10 जून की सुबह ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दाग दीं। इन हमलों के कारण अप्रैल 2026 में हुआ युद्धविराम अब पूरी तरह से टूटता नजर आ रहा है।
खाड़ी देशों और इसराइल की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
कतर के विदेश मंत्रालय ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर ईरान के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। वहीं दूसरी तरफ इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि वे ईरान और उसके समर्थक संगठनों के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेंगे। ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिकी हमलों से शांति वार्ता को गंभीर नुकसान पहुंचा है और वे बातचीत पर अपने रुख की समीक्षा करेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच ताजा विवाद की मुख्य वजह क्या है?
यह विवाद 8 जून 2026 को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद शुरू हुआ, जिसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हवाई और मिसाइल हमले किए।
ईरान ने किन खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है?
ईरान ने बुधवार 10 जून 2026 की सुबह कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संपत्तियों पर जवाबी मिसाइल हमले किए हैं।
