अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि वे ईरान के बिजलीघरों और पुलों पर बमबारी करने के आदेश जारी करने के बेहद करीब हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान ने समझौते पर बातचीत करने में बहुत लंबा समय ले लिया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। इस बीच दोनों देशों के बीच सैन्य हमले भी तेज हो गए हैं जिससे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या चेतावनी दी है?

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक फोन इंटरव्यू और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। ट्रंप ने लिखा कि ईरान की सेना पूरी तरह से बिखर चुकी है और मध्य पूर्व का दादा अब खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास समझौता करने और खुद को बचाने का एक अच्छा मौका था, लेकिन उसने बहुत देर कर दी। ट्रंप ने इससे पहले अप्रैल 2026 में भी मांगें पूरी न होने पर ईरानी पावर स्टेशनों और पुलों को तबाह करने की धमकी दी थी।

दोनों देशों के बीच हाल ही में क्या सैन्य कार्रवाई हुई है?

9 जून 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदर हवाई सुरक्षा और रडार साइटों सहित लगभग 20 ठिकानों पर हमले किए थे। यह कार्रवाई ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में की गई थी। इसके बाद ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन से हमले किए, जिसमें जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की खबरें आई हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा है कि अमेरिकी हमलों से शांति वार्ता को नुकसान पहुंचा है और खाड़ी देशों को अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं होने देना चाहिए।

क्या नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना युद्ध अपराध है?

अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत बिजलीघरों और पुलों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाना युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है। जिनेवा कन्वेंशन के 1977 के पहले अतिरिक्त प्रोटोकॉल के अनुच्छेद 52 और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के नियम 10 के अनुसार, नागरिक संपत्तियों की सुरक्षा करना जरूरी है और उन पर हमले करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस बीच, व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि ट्रंप की धमकियों के बावजूद ईरान के साथ शांति वार्ता अभी भी रुकी नहीं है और बातचीत के प्रयास जारी हैं। रूस ने भी दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच सीधी जंग शुरू हो गई है?

दोनों देशों के बीच अभी पूरी तरह से युद्ध शुरू नहीं हुआ है, लेकिन तनाव चरम पर है। अमेरिकी सेना ने ईरान में 20 ठिकानों पर बमबारी की है, जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल दागे हैं।

ट्रंप की धमकियों पर ईरान की सरकार ने क्या कहा है?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिकी हमलों से बातचीत का माहौल बिगड़ रहा है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अपील की है कि दोनों देशों को इस ‘न युद्ध न शांति’ वाले हालात से बाहर निकलना चाहिए।