अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले एक बड़े हमले को फिलहाल टाल दिया है, लेकिन अमेरिकी सेना अब भी पूरी तरह तैयार है। वहीं उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ कहा है कि अगर ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं छोड़ी, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
ट्रंप ने हमला क्यों रोका और अब क्या स्थिति है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 मई को होने वाले एक हमले को स्थगित कर दिया। यह फैसला कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे खाड़ी देशों के अनुरोध पर लिया गया। इन देशों ने अमेरिका को बताया कि ईरान के साथ गंभीर बातचीत चल रही है और एक समझौते की उम्मीद है। हालांकि, ट्रंप ने सेना को आदेश दिया है कि वे किसी भी समय बड़े हमले के लिए तैयार रहें। इससे पहले 17 मई को ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि ईरान के पास समय कम है और उसे जल्द ही शांति समझौता करना होगा।
ईरान का क्या जवाब है और बातचीत कैसे चल रही है?
ईरान ने अमेरिका की धमकियों का कड़ा जवाब दिया है। ईरान की सेना ने चेतावनी दी कि अगर हमले दोबारा शुरू हुए, तो वे नए मोर्चों पर जवाबी कार्रवाई करेंगे। ईरान की संसदीय राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि ट्रंप को यह समझना होगा कि ईरान के खिलाफ किसी भी कदम का जवाब निर्णायक सैन्य कार्रवाई से मिलेगा। फिलहाल, पाकिस्तान के जरिए दोनों देशों के बीच नए प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं ताकि शांति बनाई जा सके। बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट ईरान का परमाणु कार्यक्रम है, जिसे खत्म करने पर अमेरिका अड़ा हुआ है।
खाड़ी देशों और दुनिया पर इस तनाव का क्या असर होगा?
इस पूरे विवाद में खाड़ी देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं ताकि युद्ध को टाला जा सके। ब्रिटेन के विदेश सचिव ने इस बात पर चिंता जताई है कि अगर तनाव बढ़ा, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद हो सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो दुनिया भर में भोजन और तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ेगा। इससे उन भारतीयों पर भी प्रभाव पड़ सकता है जो खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं या वहां यात्रा करते हैं, क्योंकि क्षेत्रीय अस्थिरता से सुरक्षा और व्यापार दोनों प्रभावित होते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ईरान पर हमला क्यों करना चाहता था?
अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने का कार्यक्रम पूरी तरह बंद कर दे। उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ किया है कि ईरान का परमाणु हथियार रखना अमेरिका के लिए स्वीकार्य नहीं है।
इस विवाद को रोकने में किन देशों ने मदद की?
सऊदी अरब, कतर और यूएई ने अमेरिका से हमले को टालने का अनुरोध किया। साथ ही, पाकिस्तान दोनों देशों के बीच गुप्त संदेश और प्रस्ताव पहुँचाने में मदद कर रहा है।
