अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने ऐलान किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ फिर से युद्ध शुरू करने के लिए तैयार हैं। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है क्योंकि दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की संभावनाएं फिर से सामने आ गई हैं।
उपराष्ट्रपति JD Vance ने 30 जून 2026 को कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर फिर से हमले कर सकते हैं, बशर्ते तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से खत्म करने की गारंटी दे। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस संघर्ष में अमेरिका की जीत निश्चित है और ईरान पहले के मुकाबले काफी कमजोर हो चुका है।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी
राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर चेतावनी दी कि एक समय ऐसा आ सकता है जब वे और अधिक सहन नहीं करेंगे और सैन्य कार्रवाई के जरिए काम पूरा करेंगे। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि अगर ऐसा हुआ तो ईरान का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। ट्रंप ने यह भी बताया कि वर्तमान युद्धविराम केवल एक शुरुआती समझौता है और अगर वे इससे संतुष्ट नहीं हुए, तो फिर से बमबारी शुरू की जाएगी।
ईरान का जवाब और कतर में बातचीत
दूसरी तरफ ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि ईरान कूटनीति को प्राथमिकता देता है लेकिन वह युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार है। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बग़ाई ने कतर में अमेरिकी अधिकारियों के साथ सीधी बातचीत होने की खबरों को गलत बताया है।
तनाव के बीच अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर 30 जून को कतर पहुंचे। उनका मकसद मध्यस्थों के जरिए इस विवाद को खत्म करने के लिए शुरुआती समझौते पर काम करना है।
हालिया सैन्य टकराव
- Strait of Hormuz में हाल ही में दोनों देशों के बीच सैन्य हमले हुए थे।
- 29 जून 2026 के आसपास हमलों में कुछ समय के लिए कमी आई थी।
- यह तनाव उस समय बढ़ा जब युद्ध खत्म करने के लिए 123 दिन पहले एक प्रारंभिक समझौता हुआ था।
इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi से फोन पर बात की और उन्हें पश्चिम एशिया में चल रहे ताजा हालातों की जानकारी दी।
