अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा विवाद अब और ज्यादा गहरा गया है। 17 और 18 जुलाई 2026 को अमेरिका ने लगातार सातवीं और आठवीं रात ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए। राष्ट्रपति Donald Trump के आदेश के बाद हुए इन हमलों में ईरान के सैन्य ठिकानों, हथियार भंडारण और निगरानी साइटों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में 3 लोगों की मौत हुई और 9 लोग घायल हुए हैं।
🗞️: ईरान की अमेरिका को चेतावनी, खाड़ी देशों को दी दुबई-अबू धाबी एयरपोर्ट खाली करने की सलाह।
हमलों का कारण और ईरान की जवाबी कार्रवाई
यह कार्रवाई जॉर्डन में स्थित अमेरिकी बेस पर हुए घातक ड्रोन और मिसाइल हमलों के जवाब में की गई, जिसमें 2 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। इस युद्ध के शुरू होने के बाद से अब तक 16 अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें और ड्रोन दागे।
Gulf देशों पर असर और तनाव
ईरान के इन हमलों के कारण कुवैत में तेल संयंत्रों और बिजली घरों को काफी नुकसान पहुंचा है, जबकि बहरीन में भी खतरे के सायरन बजाए गए। ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने अमेरिका को कड़े परिणाम भुगतने की धमकी दी है। ईरान ने अमेरिका के साथ हुए पिछले समझौते को निलंबित कर दिया है। दूसरी ओर, Gulf Cooperation Council (GCC) ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे नागरिक बुनियादी ढांचे के लिए खतरनाक बताया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने मध्य पूर्व में रह रहे अपने नागरिकों के लिए ग्लोबल ट्रैवल अलर्ट भी जारी किया है।
