अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर से बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 28 मई 2026 को दोनों देशों के बीच भारी गोलाबारी और ड्रोन हमले हुए हैं, जिसने अप्रैल से चल रहे सीजफायर को तोड़ दिया है। इस टकराव में ईरान ने कुवैत की तरफ बैलिस्टिक मिसाइल दागी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कई ड्रोन हमले किए। इस गंभीर स्थिति पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर दोनों देशों के बीच यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो यह एक बड़ी जंग का रूप ले सकता है जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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कुवैत पर मिसाइल हमला और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में क्या हुआ?

यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि 27 मई की देर रात ईरान ने कुवैत की तरफ एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी, जिसे कुवैत की सेना ने हवा में ही मार गिराया। इसके अलावा दोनों देशों के बीच कई और सैन्य कार्रवाइयां हुई हैं:

  • ड्रोन हमले नाकाम: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पांच खतरनाक ड्रोन भेजे थे, जिन्हें अमेरिकी सेना ने मार गिराया। अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास में एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर हमला करके छठे ड्रोन को उड़ने से पहले ही तबाह कर दिया।
  • जहाजों पर फायरिंग: ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान की सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना सूचना के पार करने की कोशिश कर रहे चार जहाजों पर चेतावनी के लिए गोलियां भी चलाईं, जिसके बाद वे जहाज वापस लौट गए।
  • अमेरिका की जवाबी कार्रवाई: अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इन हमलों को पूरी तरह से आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है।

डोनल्ड ट्रम्प की चेतावनी और ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंध

इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि ईरान बहुत कमजोर स्थिति में बातचीत कर रहा है और उन्होंने अमेरिकी सेना को दोबारा पूरी ताकत से हमला करने की छूट देने से इनकार नहीं किया है। उन्होंने साफ किया कि नवंबर के चुनाव के चक्कर में वह किसी जल्दबाजी में समझौता नहीं करेंगे।

इसके साथ ही अमेरिकी सरकार ने ईरान को आर्थिक रूप से घेरने के लिए बड़े कदम उठाए हैं:

  • टोल टैक्स पर पाबंदी: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान के नए विभाग ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलता है।
  • पेमेंट रोकने की चेतावनी: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी है कि कोई भी जहाजरानी कंपनी ईरान को यह फीस न दे, क्योंकि यह पैसा ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) को मजबूत करने में इस्तेमाल हो सकता है।
  • हवाई उड़ानों पर रोक: अमेरिका ने ईरानी एयरलाइंस की उड़ानों, उनके उतरने के ठिकानों और टिकटों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने की घोषणा की है।

क्या फिर से छिड़ सकती है अमेरिका और ईरान में पूरी जंग?

दोहा इंस्टीट्यूट फॉर ग्रेजुएट स्टडीज के मीडिया स्टडीज के प्रोफेसर और विश्लेषक मोहम्मद अलमासरी (Mohamad Elmasry) ने चेतावनी दी है कि इस तरह के पलटवार जितने लंबे समय तक चलेंगे, उतनी ही बड़ी जंग शुरू होने की आशंका बढ़ती जाएगी। उनके अनुसार स्थिति बहुत नाजुक है और अमेरिका ने यह सोचकर गलती की कि ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के बाद उसकी जीत हो गई है।

युद्ध के इस माहौल में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का प्रभाव और बढ़ गया है, जिससे बातचीत की मेज पर ईरान का रुख पहले से और कड़ा हो गया है। इस बीच, हालात को संभालने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार इस तनाव को कम करने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात करने वाले हैं ताकि इस क्षेत्र में शांति बहाल करने का कोई रास्ता निकल सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान ने कुवैत पर मिसाइल हमला किया था?

हां, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान ने 27 मई 2026 की देर रात कुवैत की तरफ एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी, जिसे कुवैती सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक हवा में ही मार गिराया।

अमेरिका ने ईरान पर कौन से नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं?

अमेरिका ने ईरान की ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ पर प्रतिबंध लगाए हैं जो जहाजों से टैक्स वसूलती है। इसके साथ ही ईरानी एयरलाइंस की उड़ानों, लैंडिंग और टिकटों की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com