अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनातनी ने नया मोड़ ले लिया है। President Donald Trump की ओर से ईरान के खिलाफ लिए गए सैन्य फैसलों को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई है। इन नेताओं का कहना है कि यह एक ‘अनधिकृत युद्ध’ है जिसके पीछे कोई स्पष्ट लक्ष्य नहीं है। इस तनाव का सीधा असर समुद्री व्यापार पर पड़ रहा है, जिससे दुनिया भर की चिंताएं बढ़ गई हैं।

समुद्री नाकेबंदी और हवाई हमले

U.S. Central Command (CENTCOM) ने 14 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे से ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले समुद्री जहाजों के लिए एक बार फिर नाकेबंदी शुरू की है। इससे पहले 13 जुलाई को President Trump ने घोषणा की थी कि ईरानी जहाजों को Strait of Hormuz में प्रवेश करने से रोक दिया जाएगा और अन्य देशों के मालवाहक जहाजों पर 20 प्रतिशत का अतिरिक्त टोल लगाया जाएगा। इसके अलावा, लगातार तीसरे दिन अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।

कानूनी और राजनीतिक विवाद

President Trump ने कांग्रेस को सूचित किया है कि ये हमले अमेरिकियों की सुरक्षा के लिए ‘रक्षात्मक’ कदम हैं। हालांकि, डेमोक्रेटिक सांसद 1973 के वॉर पावर्स रेजोल्यूशन का हवाला देते हुए इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। सीनेट में बहुमत के नेता Sen. Chuck Schumer और अन्य सांसदों जैसे Rep. Melanie Stansbury और Sen. Jon Ossoff ने इसे अवैध युद्ध करार दिया है। दूसरी तरफ, ईरान ने 12 जुलाई को एक बार फिर Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान किया है, जिससे खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.