अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वह इस समय 50-50 की स्थिति में हैं, यानी या तो ईरान के साथ कोई बड़ा समझौता होगा या फिर दोबारा सैन्य हमले शुरू किए जा सकते हैं। इस बयान से दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है और पूरी दुनिया की नजरें अब रविवार को होने वाली अमेरिकी सुरक्षा कैबिनेट की बैठक पर टिकी हैं।

क्या है डोनल्ड ट्रंप का 50-50 वाला रुख और कब होगा इस पर फैसला?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार, 23 मई 2026 को मीडिया से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है कि ईरान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करने या फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने की बराबर की संभावना है। उन्होंने कहा कि बातचीत काफी करीब पहुंच रही है, लेकिन वह अभी इसके ढांचे पर पूरी जानकारी नहीं दे सकते। ट्रंप ने अपनी सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई है और इस पर अंतिम फैसला रविवार तक लिया जा सकता है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कुछ सैन्य कर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं और संभावित सैन्य हमलों के लिए ईरान के ऊर्जा क्षेत्र और मिसाइल ठिकानों की सूची तैयार की है।

वार्ता में क्या है प्रगति और ईरान की क्या हैं शर्तें?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि इस विवाद को सुलझाने में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अमेरिका किसी भी तरह से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में ईरानी टोलिंग सिस्टम को स्वीकार नहीं करेगा। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि दोनों देश समझौते के काफी करीब भी हैं और काफी दूर भी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परमाणु मुद्दा इस शुरुआती फ्रेमवर्क का हिस्सा नहीं है और इस पर बाद में अलग से चर्चा की जाएगी। ईरान का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी नाकेबंदी को पूरी तरह खत्म करना और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में स्थिरता बहाल करना है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और ईरान की बड़ी चेतावनी

इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने हाल ही में तेहरान का दौरा पूरा किया है जहां बातचीत में सकारात्मक प्रगति देखी गई है। हालांकि, ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने दोबारा हमला शुरू किया तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छह हफ्ते के युद्धविराम के दौरान ईरान ने अपनी सेना को फिर से मजबूत कर लिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की अवधि बढ़ सकती है?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देश मौजूदा युद्धविराम को अगले 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाने के समझौते के बेहद करीब हैं, जिससे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को धीरे-धीरे खोला जा सके।

क्या ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई सहमति बनी है?

ईरान के अनुसार, परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा वर्तमान फ्रेमवर्क समझौते का हिस्सा नहीं है और इस पर आने वाले समय में अलग से बातचीत की जाएगी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com