अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव अब बेहद गंभीर मोड़ पर आ गया है। अमेरिकी रक्षा सचिव (Secretary of War) पीट हेगसेथ ने बयान दिया है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड आज रात काफी व्यस्त रहने वाली है क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कड़े हमले करने के निर्देश दिए हैं। दोनों देशों के बीच शुरू हुई इस सैन्य कार्रवाई से पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

🚨: कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर फिर हुआ मिसाइल और ड्रोन अटैक, भड़के खाड़ी देश, ईरान को ठहराया ज़िम्मेदार

अमेरिका ने ईरान पर क्यों किए हमले और क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ऊपर उड़ रहे अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। इसके जवाब में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान की हवाई रक्षा प्रणालियों, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और रडार साइटों पर सटीक बमबारी की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि वे ईरान को किसी भी तरह की ढील नहीं देंगे क्योंकि ईरान समझौते के लिए बहुत लंबा समय ले रहा है। इसके साथ ही अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन करने वाले एक तेल टैंकर पर भी हमला किया है।

ईरान का जवाबी हमला और कुवैत-बहरीन में मिसाइलें रोकी गईं

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी बड़ा जवाबी हमला करने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिकी पांचवें बेड़े, कुवैत के अली अल-सालेम एयरबेस और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों सहित कुल 21 सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं। हालांकि, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन की सेनाओं ने समय रहते इन मिसाइलों और ड्रोन हमलों को हवा में ही रोक दिया, जिससे किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे किसी भी सैन्य दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और अपनी रक्षा करेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच ताज़ा विवाद की मुख्य वजह क्या है?

ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के सैन्य ठिकानों पर बमबारी की है।

क्या कुवैत और बहरीन में हुए मिसाइल हमलों में कोई नुकसान हुआ है?

ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी थीं, लेकिन वहां के रक्षा प्रणालियों ने इन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ।