पश्चिम एशिया में हालात बहुत तनावपूर्ण बने हुए हैं और अमेरिका ईरान पर नए हमले की तैयारी में है। यह हमला आने वाले सप्ताहांत में कभी भी हो सकता है। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि अगर उस पर कोई हमला हुआ, तो वह चुप नहीं बैठेगा और अमेरिकी तथा इजरायली ठिकानों को निशाना बना सकता है। 1 अगस्त 2026 तक के पिछले 24 घंटों के हालात काफी गंभीर रहे हैं।
ℹ: Kuwait और Saudi Arabia के बीच हुई अहम बातचीत, क्षेत्रीय हालातों पर विदेश मंत्रियों ने की चर्चा।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का कहना है कि अमेरिका संघर्ष को संभालने में अच्छा काम कर रहा है और उन्हें उम्मीद है कि ईरान की ताकत जल्द ही कम हो जाएगी। वहीं, ईरान के मेजर जनरल Abdollahi ने अमेरिका पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी देश अमेरिकी सेना को मदद देगा, वह युद्ध की आग में झुलस जाएगा। Department of Defense के अनुसार, पिछले एक दिन में अमेरिका के 32 और जवान घायल हुए हैं, जिससे कुल घायलों की संख्या 268 हो गई है।
समुद्री रास्तों और सैन्य अड्डों पर खतरा
CENTCOM ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी के लिए 30 व्यापारिक जहाजों को दूसरी दिशा में भेजा है। ओमान के तट पर एक टैंकर के इंजन रूम में भी धमाका हुआ है। हालांकि ईरान ने Strait of Hormuz को बंद करने का दावा किया है, लेकिन अमेरिकी सेना ने कहा है कि यह रास्ता अभी भी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला है। ईरान ने United Kingdom को भी चेतावनी दी है कि वह अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल अमेरिका को हमले के लिए न करने दे। कई पश्चिमी एशियाई देशों में अमेरिकी दूतावासों ने अपने नागरिकों को क्षेत्र छोड़ने या किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
