ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव और गहरा गया है। 12 जुलाई 2026 की रात अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर तीसरी बार हवाई हमले किए। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल जहाज पर ईरान द्वारा किए गए हमले के जवाब में की गई है। बीते तीन दिनों में अमेरिकी सेना ने ईरान के 300 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें मिसाइल साइट्स और नौसैनिक ठिकाने शामिल हैं।
क्षेत्रीय देशों पर हमले और नुकसान
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान किया है। इस दौरान ओमान के मुसंदम क्षेत्र में ड्रोन हमले हुए, जिस पर ओमान ने कड़ा विरोध जताया है। कतर में मलबे के कारण तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। वहीं जॉर्डन में भी मिसाइलें गिरने से नुकसान की खबर है। हालांकि, यूएई और कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान द्वारा दागे गए मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नाकाम कर दिया।
समुद्री सुरक्षा और भारतीय नागरिकों पर असर
इस संघर्ष के बीच एक कमर्शियल जहाज GFS Galaxy पर भी हमला हुआ, जो ओमान के तट के पास था। इस हमले में एक भारतीय नागरिक लापता है और 10 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि उन्होंने अब तक 140 सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है और होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी सेना तैयार है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को जून में हुए समझौते का उल्लंघन बताया है, जबकि अमेरिका ने ईरान को आगे किसी भी हमले के गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
