होरमुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव लगातार पांचवें दिन भी गंभीर बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि जब तक ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तब तक हमले जारी रहेंगे और ईरान के पावर प्लांट तथा पुलों को निशाना बनाया जा सकता है। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, जो वहां काम करने वाले प्रवासी भारतीयों के लिए भी एक बड़ी चुनौती है।

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हमलों का ब्यौरा और मौजूदा स्थिति

CENTCOM ने पुष्टि की है कि 15 जुलाई से शुरू हुए नए हमलों में ईरान के तटीय रक्षा प्रणालियों और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में 7 ईरानी सैनिक मारे गए हैं और 260 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी बलों ने उस टैंकर को भी रोक दिया है जो नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था। वहीं, ईरान का कहना है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए पूरी ताकत से जवाब देंगे।

कुवैत और खाड़ी देशों पर असर

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि वे अब क्षेत्र में तेल और गैस की सप्लाई को सुरक्षित नहीं मानते हैं। इस बीच, कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से उनके 4 नौसैनिक घायल हो गए हैं। कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर भी ड्रोन हमले का दावा किया गया है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव Jasem al-Budaiwi ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है। दक्षिण ईरान के कई शहरों जैसे बंदर अब्बास, बुशहर और अह्वाज में भी धमाकों की खबरें सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में भारी अफरातफरी का माहौल है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com