मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। 21 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी अहवाज स्थित महशहर बंदरगाह को निशाना बनाया। यह पिछले 10 दिनों से जारी लगातार हमलों का हिस्सा है, जिसके जरिए अमेरिका ईरान की उन क्षमताओं को कम करना चाहता है जो होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले के लिए इस्तेमाल होती हैं।
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कई शहरों में धमाकों की पुष्टि
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसियों ने बंदर महशहर, बंदर इमाम खुमैनी, तबरेज, चाबहार और कोणारक जैसे कई शहरों और बंदरगाहों में धमाकों की सूचना दी है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने ईरान के कमांड सेंटर, समुद्री संपत्तियों और मिसाइल व ड्रोन ठिकानों को नुकसान पहुँचाया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने इसे अमेरिका के साथ पूर्ण पैमाने पर युद्ध बताया है।
नागरिक और सैन्य नुकसान
ईरान ने दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों और बहरीन, कुवैत व जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इस संघर्ष के बीच तबरेज के दक्षिण-पश्चिम में एक व्यक्ति की मौत की खबर है। इससे पहले जॉर्डन में एक अमेरिकी बेस पर हुए ईरानी हमले में Pte Isabella Gonzales और Lt Tyler James Feehan की मौत हो गई थी। 7 जुलाई से अब तक लगभग 100 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने अपने नागरिकों के लिए दुनिया भर में सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है।
